राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप पाठ्यक्रमों के आधुनिकीकरण पर मंथन 4 अगस्त को

भोपाल

उच्च शिक्षा विभाग द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में   4 अगस्त को आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में "उभरते ज्ञान क्षेत्र, उन्नत पाठ्यक्रम : दृष्टि, दिशा एवं क्रियान्वयन" विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की जा रही है। कार्यशाला का उद्देश्य उच्च शिक्षा के पाठ्यक्रमों को वर्तमान एवं भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक, रोजगारोन्मुख, बहुविषयक एवं प्रौद्योगिकी-सक्षम बनाना है।

कार्यशाला का शुभारंभ राज्यपाल एवं कुलाधिपति  मंगुभाई पटेल की अध्यक्षता एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में होगा। कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री  इन्दर  सिंह परमार, उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव  अनुपम राजन सहित देश के प्रतिष्ठित शिक्षाविद, वैज्ञानिक, उद्योग विशेषज्ञ एवं विश्वविद्यालयों के कुलगुरु भी सहभागी होंगे। उद्घाटन सत्र में विभाग द्वारा पाठ्यक्रम आधुनिकीकरण की पहल पर प्रस्तुति दी जाएगी तथा विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापनों (MoUs) का आदान-प्रदान भी होगा।

कार्यशाला में चार तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर सुरक्षा, क्वांटम कम्प्यूटिंग, ब्लॉकचेन, हरित ऊर्जा, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, उद्योग-अकादमिक सहभागिता, कौशल विकास, उद्यमिता, कृषि नवाचार, स्मार्ट प्रौद्योगिकी, फिनटेक एवं डिजिटल बैंकिंग, स्वास्थ्य सेवा प्रबंधन, लॉजिस्टिक्स, पर्यटन, विमानन तथा प्रबंधन शिक्षा जैसे समकालीन विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श होगा। इन विषयों को उच्च शिक्षा के पाठ्यक्रमों में समाहित करने की रणनीति पर विशेषज्ञ अपने विचार रखेंगे।

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IIT), भारतीय मौसम विज्ञान विभाग, भारतीय प्रबंध संस्थान (IIM), भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR), भारतीय वन प्रबंधन संस्थान (IIFM), फिक्की, क्रिस्प सहित देश के अनेक प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञ भाग लेंगे। कार्यक्रम में विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के कुलगुरु, प्राचार्य, शिक्षाविद एवं नीति-निर्माता भी सहभागी होंगे।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुरूप यह कार्यशाला उच्च शिक्षा में बहुविषयक शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार, डिजिटल रूपांतरण, उद्योग-अनुरूप कौशल विकास, उद्यमिता तथा भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रमों के विकास के लिए एक साझा राष्ट्रीय मंच उपलब्ध कराएगी। कार्यशाला से प्राप्त निष्कर्ष एवं सुझाव मध्यप्रदेश में पाठ्यक्रम सुधार, अनुसंधान, नवाचार तथा उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण आधार प्रदान करेंगे।

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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