राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

JPSC-JSSC धांधली पर झारखंड में घमासान, आमरण अनशन के तीसरे दिन तेज हुई सियासत; CID की 18 ठिकानों पर रेड

 रांची

झारखंड में जेपीएससी और जेएससी की भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है. इस आंदोलन का सबसे बड़ा चेहरा बनकर उभरे हैं छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो, जिन्होंने रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है. उनकी यह भूख हड़ताल सोमवार को अपने तीसरे दिन में पहुंच गई।  

महतो का कहना है कि हफ्तों तक विरोध प्रदर्शन करने के बाद भी सरकार से कोई ठोस जवाब नहीं मिला, इसलिए अब उनके पास भूख हड़ताल के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा था। 

यह पूरा मामला 5 जुलाई से शुरू हुआ, जब 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा का रिजल्ट घोषित हुआ था. रिजल्ट आने के बाद परीक्षा प्रक्रिया में कई गड़बड़ियां सामने आने लगीं, जिसके बाद छात्रों ने विरोध शुरू कर दिया। 

25 जुलाई से छात्रों ने दिन रात चलने वाला सत्याग्रह शुरू किया और 29 जुलाई से स्टेडियम में अनिश्चितकालीन धरना दिया जा रहा है. छात्रों की मुख्य मांग है कि 14वीं जेपीएससी परीक्षा, जेएससी सीजीएल परीक्षा और अन्य भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों की जांच सीबीआई और ईडी से कराई जाए। 

साथ ही जब तक पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित नहीं होती, तब तक 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने की भी मांग की जा रही है। 

सोमवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए महतो ने लिखा कि यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति की नहीं बल्कि झारखंड के लाखों मेहनती युवाओं के भविष्य की लड़ाई है. उन्होंने सभी साथियों से अपील की कि आंदोलन को शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से चलाया जाए। 

कौन हैं देवेंद्र नाथ महतो, यह जानना भी जरूरी है. वे रांची के एक गांव से आते हैं और ग्रामीण पृष्ठभूमि से जुड़े हैं. उन्होंने बुंडू से स्कूली पढ़ाई पूरी की और इसके बाद रांची की डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी यूनिवर्सिटी से उच्च शिक्षा हासिल की। 

उनके पास संस्कृत के साथ साथ कुड़माली, ट्राइबल एंड रीजनल लैंग्वेजेज में भी प्रथम श्रेणी की पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री है. इसके अलावा उन्होंने हजारीबाग से बीएड की डिग्री भी हासिल की है. उनके चुनावी हलफनामे के मुताबिक, उन्होंने 2024 के झारखंड विधानसभा चुनाव में तमाड़ सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था। 

वे 2015 से छात्र आंदोलनों से जुड़े रहे हैं और स्कॉलरशिप, पेपर लीक, भर्ती नियमों जैसे मुद्दों पर लगातार आवाज उठाते रहे हैं. छठी जेपीएससी परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर चले आंदोलन के दौरान उन्होंने अपनी मां को भी खो दिया था। 

इस आंदोलन को अब कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी का भी समर्थन मिल गया है. पार्टी संस्थापक अभिजीत दीपके ने बताया कि महतो और अन्य छात्र नेताओं से वीडियो कॉल पर बात की और उन्हें पार्टी का पूरा समर्थन देने का भरोसा दिलाया. महतो की तुलना जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से भी की जा रही है, जिन्होंने हाल ही में दिल्ली में 26 दिन तक चली भूख हड़ताल पूरी की थी। 

इस बीच पिछले सप्ताह शनिवार शाम को हजारों छात्रों ने रांची में मशाल जुलूस निकालकर निष्पक्ष जांच की मांग की. एआईएसए ने भी अल्बर्ट एक्का चौक पर प्रदर्शन किया और 10 अगस्त को विधानसभा तक मार्च निकालने का ऐलान किया है। 

दूसरी तरफ जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल खियांगते से भी लगातार पूछताछ जारी है. सोमवार को सीआईडी ने उनसे करीब सात घंटे तक पूछताछ की, जो चौथी बार की गई पूछताछ है. इससे पहले भी उनसे कई घंटों तक पूछताछ हो चुकी है। 

खियांगते ने 22 जुलाई को इस्तीफा दे दिया था. अब तक इस मामले में 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. सोमवार को सीआईडी ने रांची, पलामू, हजारीबाग, बोकारो और धनबाद जिलों की 18 जगहों पर छापेमारी भी की, जिसमें कई अहम दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद किए गए। 

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button