राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

चयनित अधिकारी पद का नहीं, अपने संस्कारों का परिचय दें : राज्यपाल पटेल

भोपाल

राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा है कि भारत युवाओं का देश है संयमित, अनुशासित जीवन मूल्यों से संस्कारित युवा ही समाज और राष्ट्र के विकास की असली ताकत होते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारंभ किए गए नशा मुक्त भारत अभियान के संदर्भ में नशे के दुष्प्रभावों की चिंता व्यक्त करते हुए परिवार और समाज को नशा मुक्त बनाने में सहयोग की अपील की है। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सिविल सेवा के चयनित प्रतियोगियों को बधाई देते हुए कहा कि उनका सम्मान उनके ज्ञान, संस्कार, उत्तरदायित्व और नेतृत्व के साथ देश के भविष्य निर्माण की पहल है।

राज्यपाल  पटेल बुधवार को संकल्प फाउंडेशन द्वारा आयोजित सिविल सेवा चयनित प्रतिभागियों के अभिनंदन एवं मार्गदर्शक सम्मान समारोह को नर्मदा क्लब भोपाल में संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि अधिकारी के रूप में चयनित प्रतिभागी जहां भी जाएं अथवा जिससे भी मिले उसमें पद का अभिमान नहीं होना चाहिए। उनके संघर्ष के संस्कार होने चाहिए। उन्होंने दृष्टांतों के माध्यम से प्रतिभागियों को वाणी में विनम्रता, व्यवहार में धैर्य, संवेदनशीलता और वंचितों के प्रति समानुभूति होने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता के लिए आत्म चिंतन जरूरी है। रात में सोने से पहले आत्म चिंतन करें, सोचे दिन भर में क्या सही और क्या गलत किया है। नए दिन का प्रारंभ गलतियों को नहीं दोहराने के संकल्प के साथ करेंगे तो देखेंगे की हर रोज आप बेहतर इंसान बन रहे हैं।

महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा कि सफलता कठोर परिश्रम, अनुशासन और मार्गदर्शकों के मार्गदर्शन का परिणाम होती है। उन्होंने चयनित प्रतिभागियों से उत्कृष्टता,  विश्वसनीयता और संवेदनशीलता को जीवन का आधार बनाने के लिए कहा। सफल प्रतियोगियों को उनके अनुभव और संघर्ष को भावी पीढ़ी के साथ साझा करने तथा भविष्य में महत्वपूर्ण दायित्व निभाते समय महिलाओं, बच्चों और समाज के अंतिम व्यक्ति के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया है। उन्होंने संकल्प फाउंडेशन की सराहना करते हुए कहा कि संस्था प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के साथ नैतिक मूल्यों के संस्कार देने का सराहनीय कार्य रही है।

विधायक  रामेश्वर शर्मा ने चयनित प्रतियोगियों को बधाई देते हुए कहा कि अधिकारी और जनप्रतिनिधि का उद्देश्य जनसेवा है, इसलिए दोनों के बीच समन्वय और सामंजस्य आवश्यक है। उन्होंने कहा कि चयन व्यक्तिगत संकल्प की सफलता है, लेकिन अधिकारी के रूप में लक्ष्य राष्ट्र निर्माण होना चाहिए। सबसे गरीब और वंचित व्यक्ति को अपना परिवार मानकर कार्य करें। आपकी प्रगति तभी सार्थक होगी, जब वह देश और समाज की उन्नति में योगदान दे।

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग के अध्यक्ष  मनोज वास्तव ने कहा कि सपने संकल्प, निरंतर प्रयास और संघर्ष से साकार होते हैं। भारतीय परंपरा में उसका उत्सव बनता है जो दूसरों को आगे बढ़ाने में सक्षम होता है। उन्होंने कहा कि पद सरकार देती है, लेकिन प्रतिष्ठा समाज देता है। संकल्प फाउंडेशन प्रतिभाओं में राष्ट्रप्रेम, भाषा प्रेम और संस्कार विकसित करने का सराहनीय कार्य कर रहा है।

लोक सेवा आयोग, मध्यप्रदेश के पूर्व अध्यक्ष  अशोक पाण्डे ने संविधान सम्मत जनसेवा, समानुभूति और सच्ची राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया। संकल्प फाउंडेशन दिल्ली के चैयरमेन  संतोष तनेजा ने मातृभाषा आधारित ज्ञान को विकसित भारत की सबसे बड़ी शक्ति बताया।

राज्यपाल  पटेल का शॉल, फल एवं स्मृति प्रतीक चित्र भेंट कर स्वागत किया गया। राज्यपाल द्वारा चयनित प्रतिभागियों का अभिनंदन एवं मार्गदर्शकों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ राज्यपाल सहित अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती वंदना के मध्य दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।

 

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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