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Bastar में बेरोजगार युवाओं से 7 महीने में ₹6.5 करोड़ की ठगी, 27 आरोपी जेल भेजे गए

जगदलपुर.

बस्तर में नौकरी पाने की चाहत अब ठगों के लिए कमाई का जरिया बन गई है. सरकारी नौकरी का सपना दिखाया और बदले में लोगों से करोड़ों रुपये ऐंठ लिए गए. मामला सिर्फ एक-दो शिकायतों तक सीमित नहीं है, बल्कि पिछले सात महीनों में यानी 2026 में अबतक ऐसे 38 मामले सामने आ चुके हैं.

इन मामलों की जांच के बाद पुलिस ने 27 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि इन मामलों में ठगी की रकम करीब साढ़े छह करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है. क्लर्क, चपरासी, शिक्षक और मेडिकल क्षेत्र में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों को अपने जाल में फंसाया गया. अब बस्तर पुलिस ऐसे मामलों में कार्रवाई के साथ ठगी की रकम वापस कराने पर भी जोर दे रही है. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि नौकरी का कोई भी ऑफर मिले तो पहले उसकी पूरी जांच करें.

इस साल 38 धोखाधड़ी के मामले
दरअसल बस्तर में नौकरी के नाम पर ठगी करने वालों के खिलाफ पुलिस का अभियान जारी है. पुलिस के मुताबिक, 2026 में अब तक करीब 38 धोखाधड़ी के मामले दर्ज किए गए हैं. जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर 27 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है. इन मामलों में कुल ठगी की रकम करीब 6 करोड़ 50 लाख रुपये बताई जा रही है. सबसे ज्यादा मामले कोतवाली और बोधघाट थाना क्षेत्र में दर्ज हुए हैं, जबकि परपा में भी ऐसे मामले सामने आए हैं. आरोपियों ने लोगों को अलग-अलग पदों पर नौकरी लगाने का भरोसा देकर पैसे लिए.

नौकरी पाने न करें जल्दबाजी
पुलिस अब आरोपियों पर कार्रवाई के साथ ठगी की रकम की अधिक से अधिक रिकवरी की कोशिश कर रही है. पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि नौकरी का ऑफर देने वाले व्यक्ति पर सीधे भरोसा न करें. जिस विभाग या संस्था में नौकरी लगाने की बात कही जा रही है, वहां सीधे संपर्क कर पुष्टि करें. जरूरत पड़ने पर संबंधित व्यक्ति का पुलिस से सत्यापन भी कराया जा सकता है. पुलिस का कहना है कि नौकरी के नाम पर ठगी करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी. नौकरी के लालच में जल्दबाजी करने के बजाय पहले जांच करें, क्योंकि एक गलत भरोसा लाखों का नुकसान करा सकता है.

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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