राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

पुतिन का बड़ा कदम! जापान के दावे वाले कुरील द्वीप पहुंचे, बढ़ा रूस-जापान तनाव

मॉस्को

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अचानक जापान के दावे वाले एक ऐसे आईलैंड पर पहुंच गए हैं, जिसे लेकर दोनों देशों के बीच दशकों से विवाद चला आ रहा है. रूसी मीडिया के मुताबिक, पुतिन कुरील द्वीप समूह के इतुरुप यानी एतोरोफु आईलैंड पहुंचे. यह इलाका जापान के होक्काइडो द्वीप के उत्तर में स्थित है और रूस के कब्जे में है, लेकिन जापान इसे अपना उत्तरी क्षेत्र मानता है। 

राष्ट्रपति पुतिन का यह दौरा इसलिए भी अहम है क्योंकि रूस और जापान ने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अब तक औपचारिक शांति संधि नहीं की है और इस विवाद को इसकी बड़ी वजह माना जाता है। 

राष्ट्रपति पुतिन ने इतुरुप में यास्नी फिश प्रोसेसिंग प्लांट का दौरा किया. रूसी सरकारी समाचार एजेंसी TASS के मुताबिक, यह कुरील द्वीप समूह की पुतिन की पहली व्यक्तिगत यात्रा है. उन्होंने स्थानीय अधिकारियों से मुलाकात की और मछली उत्पादन से जुड़ी गतिविधियों को देखा. एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने स्थानीय मौसम की तारीफ करते हुए इसे रिसॉर्ट जैसा बताया. इस दौरान उन्होंने स्थानीय मछलियों और कैवियार का भी जायजा लिया। 

जापान ने जताया कड़ा विरोध
पुतिन के इतुरुप पहुंचने पर जापान ने तुरंत वि
रोध दर्ज कराया. जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी ने कहा कि एतोरोफु समेत उत्तरी क्षेत्र ऐतिहासिक और अंतरराष्ट्रीय कानून के आधार पर जापान का अभिन्न हिस्सा हैं. उन्होंने रूस के राष्ट्रपति की यात्रा को लेकर जापान की ओर से कड़ा विरोध दर्ज कराया. यह दौरा दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद क्षेत्रीय विवाद को और तूल दे सकता है। 

उत्तर कोरिया की मिसाइल के बाद पुतिन का दौरा
पुतिन का इतुरुप दौरा ऐसे समय हुआ है जब रूस के सुदूर पूर्व में बड़े नौसैनिक सैन्य अभ्यास चल रहे हैं. इसके एक दिन पहले रूस के सहयोगी उत्तर कोरिया ने कोरियाई प्रायद्वीप के पूर्वी समुद्री इलाके की ओर बैलिस्टिक मिसाइल दागी थी. यह परीक्षण दक्षिण कोरिया और अमेरिका के प्रस्तावित संयुक्त सैन्य अभ्यास से कुछ दिन पहले हुआ है, जिसका प्योंगयांग लगातार विरोध करता रहा है। 

रूस, उत्तर कोरिया और चीन के बीच बढ़ती रणनीतिक नजदीकी और जापान के साथ क्षेत्रीय विवादों के बीच पुतिन का जापान के दावे वाले आईलैंड का दौरा ऐसे समय में हुआ है, जब एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सैन्य तनाव पहले ही बढ़ा हुआ है. हालांकि इस दौरे को सीधे किसी नए सैन्य टकराव की शुरुआत मानना जल्दबाजी होगी, लेकिन इससे रूस-जापान के पुराने क्षेत्रीय विवाद और इलाके की सुरक्षा चिंताओं पर बहस जरूर तेज हो गई है। 

 

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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