राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

प्रयागराज में बारिश का कहर, सड़कों से घरों तक पानी; NDRF ने 76 लोगों को बचाया

प्रयागराज
प्रयागराज में लगातार दो दिन हुई बारिश ने हाल बेहाल कर दिया है। शहर में आम जनजीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त हो गया है। नगर निगम और सफाई एजेंसियों की इस बारिश में क्या तैयारी की थी, इसकी कलई तो खुल ही गई, सड़कों पर जगह-जगह जलभराव के कारण राहगीरों का गुजरना भी दूभर हो गया। कई पॉश इलाकों में तो सीवर के पानी के बैकफ्लो के कारण घरों में पानी घुस गया है। लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए एनडीआरएफ भी लगानी पड़ी। बारिश के दौरान तेज हवा के कारण सरस्वती घाट के एक गुंबद पर सीमेंट की छतरी ही उड़ गई। शहर में जगह-जगह जलभराव के वीडियो सोशल मीडिया पर छाए हुए हैं। पुराने शहर की जलभराव की स्थिति पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी अपने सोशल मीडिया एकाउंट एक्स पर तंज कसा है। मंगलवार को 12वीं तक के स्कूल भी बंद रहे।

रविवार रात के बाद सोमवार की रात भी झमाझम बारिश हुई। सुबह लोगों की आंख खुली तो सड़कों पर पानी ही पानी था। अल्लापुर, टैगोरटाउन, जार्जटाउन आदि इलाकों में स्थिति ऐसी हो गई कि लोग घुटनों तक पानी के भीतर से आ-जा रहे थे।

अल्लापुर के बाघाम्बरी हाउसिंग स्कीम, डंडिया, शिवनगर आदि क्षेत्रों में हुए जलभराव से लोगों को परेशानी हुई। क्षेत्रीय नागरिकों को नगर आयुक्त सीलम साई तेजा व मुख्य अभियंता दिनेश सचान व महाप्रबंधक संजीव कुमार से मोरी गेट पंपिंग सेट पर मुलाकात की। लोगों ने जलनिकासी का उचित प्रबंध करने के लिए मांग उठाई।

73.4 मिमी बरसे बादल छह डिग्री लुढ़का तापमान
रविवार को आधी रात शुरू हुई बारिश सोमवार को भी जारी रही। आसमान में बादल छाए रहने के साथ रुक-रुककर बारिश और हवाएं चलती रहीं। मौसम विभाग के अनुसार 24 घंटे में 73.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग के अनुसार 19 से 21 और 23 अगस्त को भारी बारिश के आसार हैं।

प्रयागराज में थाने के अंदर तक जलभराव दिखाई दिया।
भारी बारिश के कारण रात और दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। सोमवार को अधिकतम तापमान 28.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो कि सामान्य से 4.6 डिग्री सेल्सियस कम रहा। रविवार का अधिकतम तापमान 34.5 डिग्री सेल्सियस था। यानी एक दिन में छह डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान में कमी दर्ज की गयी।

अधिकतम तापमान 28.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जो इस सीजन का सबसे कम रहा। रविवार की रात का न्यूनतम तापमान 25.5 डिग्री सेल्सियस रहा जो, सामान्य से एक डिग्री सेल्सिसय कम रहा। शनिवार की रात का न्यूनतम तापमान 26.6 डिग्री सेल्सियस था। यानी एक दिन में न्यूनतम तापमान में 1.6 डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गयी।

रामबाग स्टेशन के रेलवे ट्रैक पर भरा पानी, ट्रेनों का संचालन हुआ प्रभावित
रामबाग रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म नंबर एक, दो औ तीन के ट्रैक पानी में डूबने के बाद सोमवार सुबह ट्रेनों का संचालन प्रभावित हो गया। यात्रियों को लगातार उद्घोषणा कर बताया गया कि प्लेटफॉर्म नंबर एक पर पानी भरा है और 12334 विभूति एक्सप्रेस समेत अन्य ट्रेनें प्लेटफॉर्म नंबर पांच से रवाना होगी। वहीं बलिया पैसेंजर को झूंसी में ही रोक दिया गया।

रविवार रात हुई मूसलाधार बारिश के बाद रामबाग स्टेशन की लाइन नंबर एक, दो और तीन पर पानी भर गया। सुबह तक ट्रैक जलमग्न रहने के कारण इन लाइनों से ट्रेनों का संचालन नहीं हो सका। इसके चलते प्लेटफॉर्म नंबर एक से चलने वाली कई ट्रेनों को प्लेटफॉर्म नंबर पांच से संचालित किया गया। सुबह बनारस जाने वाली पैसेंजर ट्रेन रात में ही ट्रैक पर आ गई थी जिसके कारण सोमवार सुबह उसका संचालन हुआ लेकिन उसके बाद ट्रैक पर ट्रेनों की आवाजाही रोक दी गई।

सुबह की पैसेंजर ट्रेनों, जिनमें बनारस प्रयागराज मेमू 65114 और 65113 शामिल हैं, का संचालन भी प्लेटफॉर्म नंबर पांच से किया गया। जलभराव के कारण बलिया से आने वाली पैसेंजर को झूंसी स्टेशन पर ही शॉर्ट टर्मिनेट करना पड़ा। रामबाग में विभूति एक्सप्रेस के खड़े होने के कारण ट्रेन को आगे नहीं लाया जा सका।

करेली के मदरसे में फंसे 50 लोग मोटर बोट से सुरक्षित निकाले गए
करेली के अल ताहिरा मस्जिद एवं मदरसा में सोमवार को उस समय स्थिति भयावह हो गई, जब यहां 35 बच्चे व 15 अन्य लोग जलभराव में फंस गए। सूचना कंट्रोल रूम पर दी गई तो तत्काल एनडीआरएफ की टीम पहुंची। मोटर बोट के जरिए सभी को सुरक्षित निकाला गया। वहीं करेली के एक क्षेत्र में घरों में फंसे 26 लोगों को भी टीम ने निकाला और सभी को भोजन कराया गया। बाद में जब पानी कुछ कम हुआ तो सभी अपने घर लौटे

एसआई करेली थाना सच्चिदानंद सिंह ने बताया कि सभी को सुरक्षित बाहर निकाला गया। वहीं एडीएम वित्त एवं राजस्व विनीता सिंह ने बताया कि मदरसे के अलावा एक क्षेत्र के कुछ घरों में 26 अन्य लोगों के फंसने की सूचना मिली थी। इन्हें भी सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया। प्रशासन ने बाढ़ की स्थिति को देखते हुए अलर्ट जारी कर दिया गया है। प्रत्येक एसडीएम से अपनी तहसीलों में विशेष नजर रखने के लिए कहा गया है। साथ ही सभी शरणालयों को अभी से तैयार रखने के लिए कहा गया।

आजाद नगर में रेलवे की दीवार नाले में गिरी
बारिश के बीच आजाद नगर में रेलवे की करीब 10 मीटर लंबी दीवार अचानक भरभराकर नाले में गिर गई। मलबे से नाला पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। इसके चलते बारिश और नाले का गंदा पानी सड़कों पर बहने लगा। कई घरों में भी पानी घुसने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय पार्षद रितेश मिश्र और समाजसेवी सर्वजीत सिन्हा ने घटना की जानकारी नगर निगम को दी। सूचना मिलने के बाद सोमवार सुबह करीब 10 बजे नगर निगम का वाहन मौके पर पहुंचा और नाले में गिरे मलबे को हटाने का काम शुरू किया। स्थानीय लोगों का कहना है कि रेलवे की कई दीवारें लंबे समय से जर्जर स्थिति में हैं। पूर्व की घटना के बावजूद दीवारों की मरम्मत और सुरक्षा के लिए समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। पीआरओ अमित कुमार सिंह ने बताया कि दीवार गिरने की जानकारी रेलवे को मिल गई है। क्षतिग्रस्त हिस्से की जल्द मरम्मत कराई जाएगी।

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button