MP में 2025 शिक्षक भर्ती की मेरिट फिर बनेगी! हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, 9693 अभ्यर्थियों के 5% बोनस अंक पर सवाल

जबलपुर
मध्यप्रदेश में प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा-2025 की भर्ती प्रक्रिया एक बार फिर बदलने जा रही है। हाईकोर्ट की जबलपुर खंडपीठ ने 5% बोनस अंक के विवाद से जुड़ी सभी रिट अपीलों को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने एकलपीठ के 6 मई 2026 के आदेश को बरकरार रखते हुए कहा कि RCI योग्यता को लेकर गलत जानकारी देकर हासिल किए गए बोनस अंकों को वैध लाभ नहीं माना जा सकता।
फैसले के बाद कर्मचारी चयन मंडल अब RCI प्रमाण-पत्रों का सत्यापन करेगा। जांच में अपात्र पाए जाने वाले अभ्यर्थियों के आवेदन निरस्त किए जाएंगे और इसके बाद संशोधित मेरिट सूची तैयार कर नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
5% बोनस अंक के विवाद पर हाईकोर्ट का फैसला
न्यायमूर्ति आनंद पाठक और न्यायमूर्ति बीपी शर्मा की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए प्रभावित अभ्यर्थियों की सभी रिट अपीलें खारिज कर दीं। कोर्ट ने माना कि अभ्यर्थियों को ऑनलाइन आवेदन में अपनी जानकारी सुधारने के लिए तीन अवसर दिए गए थे।इसके बावजूद जिन अभ्यर्थियों ने RCI योग्यता के सामने 'हां' दर्ज कर 5% बोनस अंक हासिल किए, वे बाद में इसे महज ऑनलाइन फॉर्म की गलती बताकर लाभ बनाए रखने का दावा नहीं कर सकते।
9,693 अभ्यर्थियों पर पड़ेगा फैसले का असर
प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा-2025 में 13,089 पदों पर भर्ती की गई थी। नियमों के अनुसार RCI से मान्यता प्राप्त विशेष शिक्षा डिप्लोमा रखने वाले अभ्यर्थियों को 5% बोनस अंक का लाभ दिया जाना था।मामले में सामने आया कि करीब 14,964 अभ्यर्थियों ने RCI योग्यता का दावा करते हुए बोनस अंक हासिल किए, जबकि RCI के रिकॉर्ड के अनुसार करीब 5,271 अभ्यर्थी ही पात्र पाए गए। इस आधार पर करीब 9,693 अभ्यर्थियों द्वारा गलत तरीके से बोनस अंक लेने का मामला सामने आया।
ऑनलाइन फॉर्म में 'हां' चुनने पर मिल गए बोनस अंक
विवाद की मुख्य वजह ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया रही। अभ्यर्थियों को फॉर्म में RCI योग्यता के सामने 'हां' या 'नहीं' का विकल्प दिया गया था। 'हां' चुनने वाले अभ्यर्थियों को उस समय दस्तावेजों के तत्काल सत्यापन के बिना 5% बोनस अंक दे दिए गए।बाद में RCI रिकॉर्ड से योग्यता की जांच किए जाने पर बड़ी संख्या में ऐसे अभ्यर्थी सामने आए, जिनके पास निर्धारित योग्यता नहीं थी।
एकलपीठ ने 6 मई को दिया था अहम आदेश
इस मामले में हाईकोर्ट की एकलपीठ ने 6 मई 2026 को चयन सूची कर्मचारी चयन मंडल को वापस भेजने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने RCI योग्यता का दावा करने वाले अभ्यर्थियों को 15 दिन का अतिरिक्त समय देने को कहा था।इस अवधि में अभ्यर्थियों को RCI से मान्यता प्राप्त विशेष डीएलएड डिप्लोमा अपलोड करना था। दस्तावेजों की जांच के बाद अपात्र पाए जाने वाले अभ्यर्थियों के आवेदन निरस्त करने और तीन महीने के भीतर नई मेरिट सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए थे।
अभ्यर्थियों ने क्या दलील दी?
प्रभावित अभ्यर्थियों ने डबल बेंच के सामने दलील दी कि उनके पास RCI डिप्लोमा नहीं है और ऑनलाइन फॉर्म भरते समय गलती से RCI योग्यता के सामने 'हां' का विकल्प चुन लिया गया था।उनका कहना था कि 5% बोनस अंक हटा दिए जाएं, लेकिन उनके वास्तविक अंकों के आधार पर उन्हें चयन प्रक्रिया में शामिल रखा जाए। कुछ अभ्यर्थियों ने दिव्यांग श्रेणी का हवाला देते हुए भी राहत की मांग की।
कोर्ट ने गलती के तर्क को नहीं माना
डबल बेंच ने कहा कि अभ्यर्थियों को आवेदन में अपनी जानकारी सुधारने के लिए तीन अवसर मिले थे। इसके बावजूद उन्होंने समय रहते गलती को ठीक नहीं किया।
कोर्ट ने माना कि परिणाम घोषित होने के बाद मेरिट में बने रहने की संभावना को देखते हुए 'गलती से हां चुनने' का तर्क स्वीकार नहीं किया जा सकता। गलत जानकारी के आधार पर बोनस अंक हासिल करना अनुचित लाभ लेने के समान है और ऐसे लाभ को बाद में अधिकार के रूप में नहीं मांगा जा सकता।
सही जानकारी देने वाले अभ्यर्थियों की मेरिट भी प्रभावित होती
हाईकोर्ट ने यह भी महत्वपूर्ण टिप्पणी की कि भर्ती प्रक्रिया के इस चरण में गलत तरीके से मिले बोनस अंकों को बनाए रखने से उन अभ्यर्थियों की मेरिट प्रभावित होगी, जिन्होंने आवेदन में सही जानकारी दी थी।इसलिए कोर्ट ने गलत जानकारी के आधार पर मिले 5% बोनस अंकों का लाभ बनाए रखने को उचित नहीं माना और एकलपीठ के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।
अब दोबारा बनेगी संशोधित मेरिट लिस्ट
हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब कर्मचारी चयन मंडल RCI प्रमाण-पत्रों का सत्यापन करेगा। सत्यापन के दौरान जिन अभ्यर्थियों की RCI योग्यता निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं मिलेगी, उनके आवेदन निरस्त किए जाएंगे।इसके बाद 5% बोनस अंक हटाकर संशोधित मेरिट सूची तैयार की जाएगी। इसी नई मेरिट के आधार पर आगे की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
अब क्या होगा?
RCI प्रमाण-पत्रों का सत्यापन किया जाएगा।
अपात्र अभ्यर्थियों के आवेदन निरस्त होंगे।
गलत तरीके से मिले 5% बोनस अंक हटाए जाएंगे।
संशोधित मेरिट सूची तैयार की जाएगी।
नई मेरिट के आधार पर नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।




