व्यापार जगत

चीनी, प्याज और सब्जियों ने बढ़ाई रसोई की टेंशन, बारिश से भिंडी 60 रुपये किलो

नई दिल्ली
चाय की चुस्कियों में चीनी जहां कड़वाहट घोल रही है वहीं, प्याज आंसू निकालने को तैयार है। दूसरी ओर सावन की कहीं रिमझिम तो कहीं तेज बारिश भले ही आपको सूकून दे रही हो, लेकिन इसने हरी सब्जियों की कीमतों में आग लगा दी है। अभी महंगाई की चौतरफा मार पड़ रही है।

बारिश ने लगाई हरी सब्जियों के दाम में आग: अभी दो महीने पहले तक फुटकर में 10 रुपये किलो बिकने वाली भिंडी के भाव 60 रुपये पर पहुंच गए है। लौकी, नेनुआ, तोरोई से लेकर बैगन, गोभी तक आंखें तरेर रहे हैं। सेफ लोग जिस धनिया की पत्तियों को रेसिपी श्रद्धानुसार डालने को कहते हैं , उसके प्रति अब श्रद्धा ही नहीं रही।

फ्री मिलने वाला धनिया दिल्ली में 200 रुपये किलो तक पहुंच गया है। जबकि, मुंबई में यह करीब 60 रुपये किलो है। गांव-देहात के बाजारों में भी धनिया-अदरक ही सबसे महंगे बिक रहे हैं। पुराना अदरक 300 से 400 रुपये किलो है।

अधिकतर हरी सब्जियां 60 रुपये के पार
दीनानाथ रस्तोगी रहने वाले तो कुशीनगर के हैं, लेकिन मुंबई में उनका सब्जियों का कारोबार है। आज हिन्दुस्तान से उन्होंने वहां के रेट साझा किया। रस्तोगी के मुताबिक आज फुटकर में लौकी 60 रुपये किलो बिक रहा है। नेनुआ भी मंडी में 40 रुपये मिला तो फुटकर में 60 से 60 रुपये बिक रहा है।

मुंबई में अधिकतर हरी सब्जियों के रेट 60 रुपये किलो हैं।
बैंगन, शिमला मिर्च, करेला, परवल, भिंडी लगभग सब एक ही रेट 60 रुपये किलो के हिसाब से बिक रहे हैं। बोड़ो वैसे तो कुशीनगर में 10 से 15 रुपये किलो बिक रहा है, लेकिन मुंबई में यह भी 60 रुपये किलो है।

प्याज की कीमतों में उछाल जारी
बीते कुछ महीनों से प्याज की कीमतों में उछाल देखा जा रहा है लेकिन बीते एक महीने के दौरान प्याज की कीमतों में औसतन 25 से 30 रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि हुई है। प्याज की थोक कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी का असर खुदरा बाजार में भी देकने को मिल रहा है। खुदरा बाजार में प्याज एक महीने पहले तक 40-45 रुपये किलोग्राम थी जो अब बढ़कर 50 से 55 रुपये प्रतिकिलोग्राम तक पहुंच गई है।

चीनी के दाम 7वें आसमान पर
चीनी के दाम बेहताशा बढ़ रहे हैं। बीते एक सप्ताह के अंदर ही चीनी की कीमतों में करीब 22 फीसदी का उछाल आया है। जुलाई में चीनी की कीमतें 45 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास थी, जो देश के की हिस्सों में बढ़कर 69 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई हैं। दो महीने में ही होलसेल रेट 48 प्रतिशत से अधिक बढ़ गए। जून में 4440 रुपये क्विंटल बिकने वाली चीनी 20 अगस्त तक आते-आते 6600 रुपये क्विंटल हो गई।

सब्जियों की कीमतों में क्यों आई तेजी
यह वही लौकी, नेनुआ, करेला हैं जो कुछ हफ्ते पहले कुशीनगर की लोकल मंडियों में 10 रुपये पर भी कोई पूछ नहीं रहा था। दरअसल बारिश अधिक होने से निचले इलाकों में लगी हुई सब्जियां खराब हो गईं। कई जगह फसलें नस्ट हो गईं हैं। इससे आवक कम हुई और सावन में मांसाहार वर्जित होने की वजह से डिमांड बढ़ी तो सब्जियों के रेट आसमान छूने लगे।

महंगाई 6 फीसदी के ऊपर जा सकती है
एसबीआई रिसर्च की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर-नवंबर में भारत की खुदरा महंगाई दर कुछ समय के लिए 6 फीसदी से ऊपर जा सकती है, लेकिन वित्त वर्ष 2026-27 की चौथी तिमाही में यह घटकर करीब 5 फीसदी पर आ जाएगी।

रिपोर्ट में कहा गया है कि जुलाई में 4.45 फीसदी रही महंगाई अगस्त में बढ़कर 4.7 फीसदी हो सकती है। इसमें अनुमान लगाया गया है कि अक्टूबर-नवंबर में महंगाई 6 फीसदी के स्तर को छू सकती है, लेकिन साल की आखिरी तिमाही में यह घटकर करीब 5 फीसदी पर आ जाएगी।

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button