राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

सावन की अंतिम सोमवारी पर सिंहेश्वरनाथ मंदिर में हादसा, अफरातफरी में 5 श्रद्धालु घायल

पटना
आज सावन की अंतिम सोमवारी है और बिहार के विभिन्न शिवालयों में भक्तों का सैलाब उमड़ा हुआ है। हर-हर महादेव के नारों से मंदिर गूंजयमान हैं। इस बीच मधेपुरा के बाबा सिंहेश्वर नाथ मंदिर में बड़ा हादसा हो गया है। सावन की अंतिम सोमवारी को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण बाबा सिंहेश्वर नाथ का जलाभिषेक करने को अफरा – तफरी की स्थिति बनी रही। बाबा सिंहेश्वरनाथ मंदिर का मुख्य द्वार खुलते ही मची अफरातफरी में पांच श्रद्धालु घायल हो गए। घायलों का मेडिकल कालेज में चल रहा है। ⁠ग्रिल से टकराकर सिर फटने से एक श्रद्धालु की हालत गंभीर बताई जा रही है।

शिव मंदिर में जलाभिषेक
सावन की अंतिम सोमवारी पर सीमावर्ती अररिया जिले के विभिन्न शिवालयों में शिवभक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। बोल बम व हरहर महादेव के जयकारे से मंदिर परिसर गुंजायमान होता रहा। जलाभिषेक व पूजा अर्चना कर भक्तों ने बाबा भोले से सुख, शांति, समृद्धि की कामना की। अंतिम सोमवारी को पर शिवालयों में सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की गई थी। शिव भक्तों ने भगवान भोलेनाथ की आराधना कर सुख, शांति व समृद्धि की कामना की है। पंडित बालकृष्ण झा ने बताया कि सोमवारी व्रत रखने व शिवलिंग पर जल चढ़ाने से घर में सुख समृद्धि आती है। इधर सावन की अंतिम सोमवारी को लेकर कई जगहों पर शिव नाम संकीर्तन का आयोजन हुआ।

कुल मिलाकर सावन की अंतिम सोमवारी को पूरे जिले में भक्तिपूर्ण माहौल बना रहा। सावन को लेकर गेरुआ वस्त्र की बिक्री जोरों पर है। बाजारों में भी काफी बोल बम के कपड़े व फल की खरीदारी खी जा रही है। मान्यता है कि सावन के सोमवार में व्रत रखने व शिवलिंग पर जल चढ़ाने से घर में सुख समृद्धि आती है। सावन के महीने में भगवान शिव अपने भक्तों की सभी मनोकामना पूरी करते हैं। सावन के महीने में व्रत रखने से मनवांछित फल भी मिलता है। इस महीने में भगवान शिव का रुद्राभिषेक भी भक्त करते हैं। इधर अंतिम सोमवारी के मौके पर बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालु पनार नदी के त्रिशुलिया घाट पहुंची। यहां सेजल लेकर विभिन्न शिवालयों में जलाभिषेक किया।

पटना के मंदिरों में रुद्राभिषेक
सावन की अंतिम सोमवारी के लिए पटना के मंदिर और शिवालय सजधज कर रविवार देर शाम तक तैयार हो गएथे। अंतिम सोमवारी में भगवान शिवशंकर को जलाभिषेक करने शिवालयों, मंदिरों में श्रद्धालुओं अहले सुबह से पहुंचने लगे थे। इसे देखते हुए मंदिरों में भीड़ प्रबंधन के इंतजाम किए गए हैं। खाजपुरा सहित शहर के कई बड़े मंदिरों में लोगों की भीड़ को देखते हुए पुरुष और महिलाओं के लिए अलग-अलग कतार लगाया गया है। खाजपुरा शिवमंदिर, कंकड़बाग का पंच शिव मंदिर, मनोकामना शिव मंदिर, कॉलोनी मोड़ स्थित आनंद नाथ शिवमंदिर, शिव दुर्गा हनुमान मंदिर गोरियाटोली, शिव दुर्गा मंदिर सालिमपुर अहरा, शिव मंदिर शिवपुरी, आदि मंदिरों में अंतिम सोमवारी के दिन भक्तों व श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना में परेशानी नहीं हो इसको लेकर विशेष तैयारी की गई है।

जलाभिषेक के लिए अच्छा योग
ज्योतिषाचार्य अशोक कुमार मिश्र कहते हैं कि सोमवार को शिवभक्तों के लिए कई अच्छे योग बन रहे हैं। इस दिन शिवभक्त पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र, प्रीति और आयुष्मान योग में भगवान शिव को अपनी इच्छापूर्ति की कामना को लेकर पूजा-अर्चना करेंगे। मंदिरों में सोमवार को रुद्राभिषेक पूजन होगा। स्टेशन स्थित महावीर मंदिर में सुबह से लेकर देर शाम तक रुद्राभिषेक के लिए शिव भक्तों ने एडवांस बुकिंग कराई है। मनोकामना शिव मंदिर से जुड़े मिथिलेश कहते हैं कि मंदिर में रुद्राभिषेक पूजा के साथ महामृत्युंजय जप करने शिवभक्त सोमवार को पहुंचेंगे।

रोशनी से नहाये शिवालय
शिव मंदिरों को रंग-बिरंगी रोशनी से आकर्षक ढंग से सजाया गया है। रविवार दिनभर शिवालयों और मंदिरों की साफ-सफाई की गई। सोमवार को मंदिरों में सुबह से लेकर देर शाम तक भक्तों की भीड़ रहेगी। माहौल को भक्तिमय बनाने के लिए मंदिरों में दिनभर शिवभजन, शिव तांडव स्रोत और शिव गीत गूंजेंगे। मंदिरों पर म्यूजिक सिस्टम लगाए गए हैं। गोरिया टोली, बैंकमेंस कॉलोनी, कंकड़बाग स्थित शिवमंदिरों में शाम को शिव भजन होगा।

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button