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भागलपुर में राघोपुर बांध टूटा, नदी में बने टापू के दबाव से बढ़ा कटाव?

पटना.

भागलपुर जिले के खरीक प्रखंड में गंगा नदी के बायें तट पर बना 6.50 किलोमीटर लंबा काजीकोरैया-राघोपुर मार्जिनल बांध 23 अगस्त की रात को टूट गया। इस पर मानसून की शुरुआत से ही नदी की मुख्य धारा का भारी दबाव बना हुआ था।

नदी के बीच में शोल (टापू) बनने के कारण धारा का रुख सीधे बांध की तरफ मुड़ गया था। जलस्तर बढ़ने से अंडरमाइनिंग (नीचे से मिट्टी धंसने) के कारण 'D-Nose' के पास 26 जुलाई को 110 मीटर लंबाई में कटाव शुरू हुआ। जिसके बाद 27 जुलाई 2026 को कटिहार के मुख्य अभियंता और भागलपुर बाढ़ नियंत्रण अंचल के अधीक्षण अभियंता की देखरेख में रात-दिन चले राहत कार्य के बाद सुबह 4 बजे कटाव पर काबू पा लिया। बचाव के तहत 110 मीटर लंबे और 6 मीटर चौड़े एन.सी. बेस पर बैंबू रोल व 'हाथी पांव' से काम कराया गया। साथ ही सुरक्षा के तौर पर D-Nose के अपस्ट्रीम में 250 मीटर तक हर 10 मीटर पर कुल 25 'स्लोपिंग बेड बार' बनाए गए।

23 अगस्त की रात टूटा बांध
23 अगस्त की रात से 'E-Nose' के डाउनस्ट्रीम में नदी का दबाव बेहद बढ़ गया। 24 अगस्त की रात 2 बजे तेज कटाव के चलते राघोपुर बांध-सह-रेलवे टैगिंग बांध 30 मीटर की लंबाई में क्षतिग्रस्त हो गया।

स्थल पर तैनात प्रशासनिक व तकनीकी टीम
पहले कटाव के बाद से ही 1 सहायक अभियंता और 4 कनीय अभियंताओं की मूल तैनाती के अलावा शिफ्ट के हिसाब से 1 अतिरिक्त सहायक अभियंता और 02 कनीय अभियंताओं की टीम लगाई गई है। वहीं 17 अगस्त से ही अधीक्षण अभियंता, कार्यपालक अभियंता और सहायक अभियंता की एक विशेष टीम लगातार स्थल पर कैंप कर निगरानी रख रही है।

वर्तमान स्थिति एवं राहत-बचाव कार्य

  • रिंग बांध का निर्माण: क्षतिग्रस्त हिस्से के दोनों किनारों (कट-एंड्स) को स्थिर करने और पानी के फैलाव को रोकने के लिए रिंग बांध का निर्माण शुरू कर दिया गया है।
  • संसाधन और बल: युद्धस्तर पर जारी काम के लिए 2.50 लाख बालू भरी बोरियां, 20 नावें, 16 ट्रैक्टर, 1 पोकलेन, 2 जेसीबी और करीब 250 मजदूर दिन-रात डटे हुए हैं। स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है।
  • उच्च स्तरीय निगरानी: भागलपुर के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) स्वयं स्थल का निरीक्षण कर पल-पल की निगरानी कर रहे हैं।

फरक्का बराज को लेकर अंतरराज्यीय पहल
जल निकासी की मांग: गंगा के जलश्राव की तेजी से निकासी के लिए फरक्का बराज के महाप्रबंधक (GM) को पत्र भेजा गया है। मुख्यमंत्रियों की वार्ता: बिहार में गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री से फोन पर बात कर फरक्का बराज के सभी गेट खोलने का अनुरोध किया है। विशेष दल का दौरा: बराज के गेट परिचालन और अद्यतन स्थिति की सीधी जानकारी के लिए जल संसाधन विभाग से एक टीम को फरक्का बराज भेजा गया है।

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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