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इंदौर में नोटरी पर दर्ज 50 हजार संपत्तियों से 50 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाने का लक्ष्य

 इंदौर
राजस्व में बढ़ोतरी के लिए अब नगर निगम शहर में नोटरी वाली संपत्तियों के संपत्तिकर खाते खोलेगा। महापौर परिषद से हरी झंडी मिलने के बाद नगर निगम ने बिल कलेक्टरों को इन संपत्तियों का पता लगाकर खाते खोलने की जिम्मेदारी सौंपी है। निगम को उम्मीद है कि शहर में कम से कम 50 हजार ऐसी संपत्तियां हैं, जो नोटरी पर हैं और जिनके संपत्तिकर खाते अब तक नहीं खुले हैं।

इन संपत्तियों के नए खाते खोले जाने पर निगम को 50 करोड़ रुपये अतिरिक्त राजस्व मिलने की उम्मीद है। खास बात यह है कि नोटरी वाली नई संपत्तियों के संपत्तिकर खाते में कर की गणना वर्ष 2000 से की जाएगी।

शहर में 500 कॉलोनियां नोटरी पर
नगर निगम में दो वर्ष पहले तक नोटरी वाली संपत्तियों के भी खाते खोलकर संपत्तिकर वसूला जाता था, लेकिन इसके बाद नोटरी वाली संपत्तियों के नए खाते खोलने पर रोक लगा दी गई। जिन संपत्तियों के खाते पूर्व में खोले जा चुके थे, उनसे जरूर अब भी कर वसूला जा रहा है।

दो वर्ष से नोटरी वाली संपत्तियों के नए खाते नहीं खुलने का असर यह हुआ कि नोटरी वाली संपत्तियां तो बढ़ गईं, लेकिन निगम के खाते में अतिरिक्त राजस्व नहीं आया।

आर्थिक तंगी से गुजर रहे नगर निगम ने अब नोटरी वाली नई संपत्तियों के खाते खोलने की अनुमति देने का निर्णय लिया है। अधिकारियों का कहना है कि शहर में कम से कम 500 कालोनियां हैं, जहां आज भी नोटरी पर संपत्तियों का व्यवहार हो रहा है।

वर्ष 2000 से ही होगी कर की गणना
निगम सीमा में स्थित नोटरी वाली संपत्तियों के खाते भले ही नए खोले जाएंगे, लेकिन कर की गणना वर्ष 2000 से की जाएगी। अगर संपत्ति निगम सीमा में वर्ष 2014 के बाद शामिल हुए 29 गांवों में आती है तो गणना वर्ष 2014 से की जाएगी।

खाता खोलने के लिए ये दस्तावेज लगेंगे
संपत्तिकर का नया खाता खोलने के लिए संपत्ति स्वामी का आधार कार्ड, बिजली का बिल, शपथ पत्र, गूगल मैप से संपत्ति की लोकेशन और नोटरी की सत्यापित प्रति प्रस्तुत करना होगी। बिल कलेक्टर अपने-अपने जोन क्षेत्रों में ऐसी संपत्तियों की जानकारी जुटाकर सूची तैयार करेंगे।

पहले चरण में निगम जोनवार शिविर लगाकर लोगों को स्वयं खाता खुलवाने के लिए प्रेरित करेगा। दूसरे चरण में ऐसी संपत्तियों को चिह्नित किया जाएगा, जिनके स्वामियों ने मौका दिए जाने के बावजूद खाता नहीं खुलवाया है। निगम ऐसे लोगों को नोटिस जारी कर आगे की कार्रवाई करेगा।

संपत्तियों को चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं
    नोटरी वाली ऐसी संपत्तियां, जिनके संपत्तिकर खाते अब तक नहीं खुले हैं, उन्हें चिह्नित करने के निर्देश दिए गए हैं। उम्मीद है कि ऐसी 50 हजार के लगभग संपत्तियां हैं। इन संपत्तियों के खाते खुलने से निगम को अतिरिक्त राजस्व मिलेगा। अगले वर्ष से ये खाते नियमित हो जाएंगे। – निरंजन सिंह चौहान, राजस्व प्रभारी, नगर निगम इंदौर

 

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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