
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा कर्मयोगी कर्तव्य कार्यक्रम के अंतर्गत मंत्रालय में कार्यरत फ्रंटलाइन कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम सामान्य प्रशासन विभाग के उप सचिव पुलक भट्टाचार्य के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों में व्यवहारिक दक्षताओं (Behavioural Competencies), कार्य के प्रति जिम्मेदारी, प्रभावी संवाद, टीम भावना, सकारात्मक कार्य व्यवहार तथा नागरिक-केंद्रित सेवा भाव को विकसित करना रहा।
प्रशिक्षण सत्र में सुनील शर्मा, कुलसचिव, कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर द्वारा मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। उन्होंने कार्यस्थल पर सकारात्मक एवं जिम्मेदार व्यवहार, वरिष्ठ अधिकारियों एवं सहकर्मियों के साथ प्रभावी समन्वय, प्रभावी संचार तथा नागरिकों के प्रति संवेदनशील एवं सम्मानजनक व्यवहार के विभिन्न पहलुओं पर मार्गदर्शन दिया।
कार्यक्रम के दौरान फ्रंटलाइन कर्मचारियों को अपने दायित्वों का प्रभावी निर्वहन करने के साथ-साथ व्यावसायिक आचरण, पारस्परिक सम्मान, सहयोग, जवाबदेही एवं सकारात्मक कार्य संस्कृति को अपने दैनिक कार्य व्यवहार में अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
प्रशिक्षण में विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया गया कि शासकीय सेवकों का व्यवहार न केवल कार्यालयीन वातावरण को प्रभावित करता है, बल्कि शासन और नागरिकों के बीच विश्वास को भी मजबूत करता है। इस दृष्टि से कर्मचारियों में बेहतर व्यवहारिक दक्षताओं का विकास प्रभावी एवं नागरिक-केंद्रित प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण है।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम भारत सरकार के मिशन कर्मयोगी की भावना के अनुरूप एक सक्षम, संवेदनशील, उत्तरदायी एवं नागरिक-केंद्रित शासकीय कार्यबल के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। कार्यक्रम के माध्यम से कर्मचारियों की व्यवहारिक दक्षताओं को सुदृढ़ करने तथा मंत्रालय में कार्य संस्कृति को अधिक सकारात्मक, सहयोगात्मक और परिणामोन्मुख बनाने पर विशेष जोर दिया गया।




