राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

शक्कर के दाम में बड़ी गिरावट, स्टॉक जांच के बाद 800 रुपये क्विंटल तक सस्ती हुई

भोपाल 

 त्योहारी समय में शक्कर की मिठास कम होने यानी शक्कर में महंगाई बढ़ने के अब कई कारण सामने आ रहे हैं। सरकार की सख्ती के बाद मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ही बीते तीन दिनों में शक्कर थोक भाव में 800 रुपए क्विंटल तक नीचे आ गई है। यानी जिस शक्कर के स्थानीय थोक बाजारों में ही 7000 रुपए क्विंटल तक भाव पहुंच गए थे, जो घटकर 6100/6200 रुपए पर आ गए है।

बाजार के जानकारों का कहना है कि, शक्कर महंगी होने को लेकर केन्द्र सरकार ने भी जांच करवाई, जिसमें सामने आया कि कुछ व्यापारियों, डीलरों और बाजार के बिचौलियों द्वारा जमाखोरी, सट्टेबाजी के सौदे और बिना शक्कर की वास्तविक आवाजाही के सिर्फ पेपरों में दिखाया जा रहा था। इसलिए 1 अगस्त से 14 अगस्त तक फिजिकल स्टॉक वेरिफिकेशन किया गया। 13 दिन की जांच में पता चला कि, कई राज्यों में चीनी स्टॉक के अनुसार थोक ग्राहकों को बेची गई शक्कर शुगर मिलों के गोदामों में ही रखी हुई थी। शक्कर कारोबारी कपिल खंडेलवाल ने बताया कि, ऊपरी भाव से शक्कर के दाम नीचे आ गए हैं। हालांकि, त्योहारी मांग ज्यादा जोर नहीं पकड़ पा रही है।

ड्राईफ्रूट का मिठाई कारोबार पर होगा असर
शक्कर महंगी होने से अनुमान लगाया जा रहा था कि, इससे मिठाई महंगी हो जाएगी। लेकिन कारोबारियों का कहना है कि शक्कर से ज्यादा महंगे ड्राईफ्रूट से मिठाइयों की कीमतों पर असर हो रहा है। कारोबारी ने बताया कि कि शक्कर से ज्यादा सूखे मेवे पर महंगाई का बोझ पड़ रहा है। मिठाई कारोबारी मोहन शर्मा बताते हैं कि चीनी सहित कच्चा माल काफी महंगा हो गया है। सूखे मेवे, दूध, घी, बेसन सभी महंगे है। किराना कारोबारी अपूर्व पवैया बताते हैं कि बाजार में शक्कर की शॉर्टेज नहीं है, लेकिन उठाव नहीं है।

2025-26 में जारी चीनी कोटा
अक्टूबर में 24 लाख टन, नवंबर 20 लाख टन, दिसंबर 22 लाख टन, जनवरी 2026 के लिए 22 लाख टन, फरवरी 22.5 लाख टन, मार्च 22.5 लाख टन, अप्रेल 23 लाख टन, मई 22.5 लाख टन, जून 22.5 लाख टन, जुलाई 22 लाख टन, अगस्त 22.5 लाख टन कोटा जारी हुआ।

निर्धारितसीमा से अधिक सटॉक, मतलब कार्रवाई
भोपाल जिला खाद्य आपूति नियंत्रक सीएस जादौन का कहना है कि, केन्द्र सरकार ने स्टॉक लिमिट के जो निर्देश दिए हैं, राज्य सरकार भी आदेश जारी करने वाली है। इसका इंतजार किया जा रहा है। जैसे ही आदेश होते हैं। विभाग की टीम व्यापारिक प्रतिष्ठानों की जांच शुरू कर देगी। निर्धारित सीमा से ज्यादा स्टॉक मिलने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button