राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

बाढ़ प्रभावितों के लिए योगी सरकार का राहत अभियान जारी, 21,226 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया

लखनऊ

 उत्तर प्रदेश में बाढ़ की चुनौती से प्रभावितों को राहत दिलाने के लिए योगी सरकार तेजी से काम कर रही है। प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने के साथ भोजन, आश्रय, स्वास्थ्य सुविधाओं और जरूरी राहत सामग्री की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त कार्यालय के मुताबिक अब तक 21,226 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है और 16.73 लाख से अधिक लंच पैकेट वितरित किए गए हैं। इसके अलावा 1.29 लाख से ज्यादा बाढ़ राहत किट, 6.94 लाख क्लोरीन टैबलेट और 2.73 लाख ओआरएस पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। राहत एवं बचाव अभियान में अब तक 2,259 नाव एवं मोटरबोट का इस्तेमाल किया गया है।

वर्तमान में 26 जिलों में बाढ़ का असर बना हुआ है। संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन लगातार निगरानी करते हुए राहत और बचाव कार्यों को संचालित कर रहा है। बाढ़ प्रभावित लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बड़े पैमाने पर रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 21,226 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। अकेले 8 सितंबर को 8,576 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया। जलभराव और दुर्गम इलाकों में फंसे लोगों को नाव-मोटरबोट के जरिए निकालकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है।

2,259 नाव-मोटरबोट से लगातार रेस्क्यू अभियान

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत दलों की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए बड़े पैमाने पर नाव और मोटरबोट का इस्तेमाल किया जा रहा है। अब तक 2,259 नाव एवं मोटरबोट राहत-बचाव कार्य में प्रयुक्त हो चुकी हैं।

16.73 लाख से अधिक लंच पैकेट बांटे

बाढ़ के बीच प्रभावित परिवारों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने व्यापक अभियान चलाया है। अब तक 16.73 लाख से अधिक लंच पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। वहीं 1.29 लाख से ज्यादा बाढ़ राहत किट जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाए गए हैं। मंगलवार को भी 83,216 लंच पैकेट और 17,097 खाद्यान्न पैकेट वितरित किए गए। इससे प्रभावित परिवारों को संकट की स्थिति में तत्काल खाद्य सहायता मिल रही है।

स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए 1,106 मेडिकल टीमें सक्रिय

बाढ़ के बाद संक्रमण और जलजनित बीमारियों की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। प्रदेश में अब तक 1,106 मेडिकल टीमें गठित की गई हैं। प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए 6.94,432 क्लोरीन टैबलेट और 2.73 लाख ओआरएस पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। बाढ़ प्रभावित परिवारों को सुरक्षित ठिकाना उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में अब तक 1,341 बाढ़ शरणालय स्थापित किए गए हैं। इनमें 7,434 लोग शरणालयों में रह रहे हैं।

पशुओं की सुरक्षा पर भी फोकस, जनहानि शून्य

योगी सरकार के राहत अभियान में मानव जीवन के साथ पशुओं की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी गई है। पशुओं के लिए अब तक 6,620 क्विंटल भूसा वितरित किया गया है। राहत अभियान की महत्वपूर्ण उपलब्धि है कि बाढ़ से अब तक पशु या जनहानि दर्ज नहीं हुई है।

प्रभावित मकानों के लिए भी सहायता जारी

बाढ़ से अब तक 1,493 मकान क्षतिग्रस्त होने की सूचना है। इनमें से 1,273 मामलों में प्रभावित परिवारों को सहायता वितरित की जा चुकी है। राहत एवं बचाव कार्यों के साथ क्षति का आकलन कर प्रभावित परिवारों तक सहायता पहुंचाने का काम भी जारी है।

प्रभावित जिले

अयोध्या, आजमगढ़, बहराइच, बदायूं, बलिया, बाराबंकी, बस्ती, फर्रुखाबाद, गाजीपुर, गोंडा, गोरखपुर, हरदोई, कासगंज, कन्नौज, कानपुर नगर, लखीमपुर खीरी, मिर्जापुर, मुरादाबाद, प्रयागराज, रायबरेली, संत कबीर नगर, रामपुर, सीतापुर, शाहजहांपुर, उन्नाव और वाराणसी।

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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