राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

तलाक मामले में पत्नी के मेडिकल टेस्ट पर रोक, ग्वालियर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

ग्वालियर
ग्वालियर खंडपीठ की सिंगल बेंच ने वैवाहिक विवाद से जुड़े मामले में ऐसा फैसला सुनाया है जिसने तलाक की कार्यवाही को लेकर सवाल खड़े कर दिए है। हाईकोर्ट में एक मामला पहुंचा जहां, निचली कोर्ट ने तलाक की कार्यवाही के दौरान महिला का मेडिकल टेस्ट कराने की अनुमति दे दी थी। इस मामले में जरुरी बात ये है कि कोर्ट द्वारा यह अनुमति तब दी गई थी जब, पति-पत्नी अपनी गवाही दे चुके थे और साक्ष्य की प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी। पत्नी ने निचली अदालत के इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनती देते हुए अपनी दलील रखी।

मेडिकल टेस्ट की अनुमति नहीं दी सकती- हाईकोर्ट का फैसला
हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने वैवाहिक विवाद और शारीरिक स्वायत्तता से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। जस्टिस मिलिंद रमेश फड़के ने अशोकनगर जिला अदालत के उस आदेश को निरस्त कर दिया है, जिसके तहत तलाक के मुकदमे में पत्नी का मेडिकल परीक्षण कराने की अनुमति दी गई थी। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब दोनों पक्षों की गवाही पूरी हो चुकी हो और मामला अंतिम बहस के स्तर पर पहुंच गया हो, तब किसी पक्षकार को अपनी खामियां छिपाने या नए सबूत जुटाने के लिए मेडिकल टेस्ट की अनुमति नहीं दी जा सकती।

यह है मामला
याचिकाकर्ता का विवाह 28 अप्रैल 2004 को हुआ था। जुलाई 2011 में अलग होने के बाद पति ने हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13 के तहत क्रूरता का आरोप लगाते हुए तलाक की अर्जी दाखिल की। पति का आरोप था कि पत्नी के तीन ऑपरेशन हो चुके है और शारीरिक स्थिति के कारण वैवाहिक संबंध सामान्य नहीं है। वहीं, पत्नी ने इन आरोपों को नकारते हुए साथ रहने की इच्छा जताई थी और बताया कि शादी के बाद अपेंडिक्स का इलाज हुआ था, जिसकी जानकारी पति को पहले से थी।

निचली अदालत दी थे अनुमति, पत्नी ने दी चुनौती
निचली अदालत में दोनों पक्षों की गवाहियां और साक्ष्य दर्ज होने के बाद जब केस अंतिम बहस के लिए तय हुआ, तब 22 जून 2012 को पति ने धारा 151 सीपीसी के तहत पत्नी के मेडिकल परीक्षण के लिए आवेदन दिया। जिला अदालत अशोकनगर ने 2 जुलाई 2012 को इस आवेदन को स्वीकार कर लिया था, जिसके खिलाफ पत्नी ने अधिवक्ता मधुर भार्गव के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर की।

 

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button