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उज्जैन में दौड़ेंगी 100 ई-बसें, 12 रूट पर 2-3 दिन में सेवा शुरू

उज्जैन
 
महाकाल की नगरी उज्जैन में सरकारी परिवहन सेवा का इंतजार खत्म हो गया है। दो-तीन दिनों में सिटी 2 बस सेवा फिर शुरू होने वाली है। इसके लिए शुक्रवार-शनिवार को 10 ई-बसें (Ujjain e-buses service) शहर पहुंच जाएंगी। इन बसों को सबसे पहले उज्जैन दर्शन रूट पर उतारकर सिटी बस सेवा की शुरुआत की जाएगी।

मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना में शुक्रवार को सीएम डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की मौजूदगी में भोपाल से कुछ जिलों में संचालन के लिए 351 बसों को झंडी दिखाई। उज्जैन की 10 सिटी बसें भी शामिल थीं। ये बसें शुक्रवार देर रात या शनिवार सुबह तक शहर पहुंच जाएंगी। इन बसों को 27 किलोमीटर से अधिक लंबे उज्जैन दर्शनी रूट पर संचालित किया जाएगा। संभावना है कि दो-तीन दिन में बसों का संचालन शुरू हो जाएगा। इसके बाद यात्रियों को आधुनिक सुरक्षा सुविधाओं से लैस इन ई-बसों मैं सुलभ सफर की सुविधा मिल सकेगी। हालांकि, अभी इसका किराया घोषित नहीं किया गया है। जल्द ही किराया और फेरों की संख्या निर्धारित की जाएगी।

यूसीटीएसएल को सौंपी संचालन की कमान
मप्र में बसों के संचालन के लिए मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एवं अधोसंरचना लिमिटेड (एमपीवायपीआइएल) नाम से राज्य स्तरीय कंपनी बनाई जा रही है। इसके अध्यक्ष मुख्यमंत्री है। परिवहन सचिव मनीष सिंह है। जेएनएनयूआरएम के अंतर्गत उज्जैन में सिटी बस संचालन के लिए उज्जैन नई व्यवस्था में यूसीटीएसएल अब सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड (यूसीटीएसएल) थी। एमपीवायपीआइएल के अधीन सहायक कंपनी के रूप में कार्य करेगी। इसका कार्य क्षेत्र भी बढ़ाया है। अब यूसीटीएसएल के अधीन संभाग के सभी सातों जिलों की बस सेवा रहेगी। उज्जैन से ही संभाग के जिलों की बस सेवा पर नियंत्रण रखा जाएगा। उज्जैन में संचालित ई-सिटी बसों का संचालन यूसीटीएसएल के पूर्व माध्यम से होगा। संचालन के लिए में ही निजी ऑपरेटर का चयन किया जा चुका है। शासन ने उज्जैन विकास प्राधिकरण के सीईओ संदीप सोनी को जिम्मेदारी भी सौंपी है।

इस रूट पर चलेगी उज्जैन दर्शन सेवा
है। उज्जैन दर्शन रूट की लंबाई 27.01 किलोमीटर है। यह सिटी बस के आंतरिक शहर के लिए निर्धारित 12 रूट में तीसरे नंबर का सबसे बड़ा रूट इसमें मेघदूत वन से बस मिलेगी। उज्जैन दर्शन रूट मेघदूत वन पार्किंग से शुरू होगा, जो महाकाल लोक, हरसिद्धि मंदिर, शिप्रा नदी, ऋणमुक्तेश्वर, भर्तृहरि गुफाएं, गढ़कालिका, काल भैरव, सिद्धवट मंदिर, मंगलनाथ मंदिर, सांदीपनि आश्रम, चिंतामन गणेश मंदिर से होते हुए पुनः मेघदूत वन पर समाप्त होगा। शुरुआत में इस रूट पर 10 बसें उतारी जाएंगी। कुछ दिनों में इस रूट पर बसों की संख्या 15 भी हो सकती है।

तीन महीने में 12 रूट पर दौड़ेंगी 100 बसें
शहर को सिटी बस के लिए केंद्र से कुल 100 ई-बसें आवंटित हुई है। मक्सी रोड पुराने डिपो पर ई-बस डिपो तैयार किया जा रहा है। यहां चार्जिग स्टेशन का निर्माण जारी है। एक-दो दिन में 100 में से 20 बसें उज्जैन पहुंच जाएंगी। इससे यूसीटीएसएल उज्जैन दर्शन के बाद एक-दो और रूट पर ई-बस सेवा शुरू कर देगा। संभावना है कि तीन महीने में सभी 100 बसें उज्जैन को उपलब्ध हो जाएंगी। ऐसा होने पर इस वर्ष के अंत या नए साल की शुरुआत में सभी 100 बसें निर्धारित सभी 12 रूट पर दौड़ती नजर आएंगी। ये रूट शहर के एक से दूसरे छोर को जोड़ने के साथ ही आसपास के कुछ ग्रामीण क्षेत्रों को भी उज्जैन से जोड़ रहे है।

जल्द ऑन रोड होंगी बसें
बस सुविधा के लिए उज्जैन की बसों को भोपाल में हरी झंडी दिखाई गई है। 10 ई-बसें उज्जैन के लिए रवाना हो गई हैं। दो तीन दिन में इन्हें ऑनरोड कर दिया जाएगा। शुरुआत उज्जैन दर्शन रूट से की जा रही है। चरणबद्ध रूप से सभी 100 ई-बसें ऑनरोड हो जाएंगी।-संदीप सोनी, सीईओ, यूसीटीएसएल

11 रूट पर मिलेंगी बसें 
उज्जैन दर्शन के बाद चरणबद्ध रूप से शेष 11 रूट पर सिटी बस सेवा शुरू की जाएगी। बसें इलेक्ट्रिक होंगी. 7 सीसीटीवी कैमरों संग अन्य सुरक्षा से लैस होंगी।

रूट-यू1: तपोभूमि से पान बिहार, लंबाई 33.35 किमी।

रूट-यू2: रेलवे स्टेशन से कालियादेह महल, लंबाई 9.48 किमी।

रूट-यूः कानीपुरा से अभिलाषा कॉलोनी, लंबाई 12.94 किमी।

रूट-यू 4: देवासगेट से तपोभूमि, लंबाई 16.78 किमी।

रूट-यूडः देवासगेट से ताजपुर, लंबाई 16 किमी।

रूट-यू 6: देवासगेट से सांवराखेड़ी नए आरटीओ, लंबाई 8.97 किमी।

रूट-यू महाकाल चौराहे से अभिलाषा कॉलोनी, 11.52 किमी।

रूट-यू४: देवासगेट से नानाखेड़ा, लंबाई 4.25 किमी।

रूट-यू9: अवंतिका विवि जवासिया से नानाखेड़ा, लंबाई 17.84 किमी।

रूट-यू 10: देवासगेट से मरलीपुरा, लंबाई 5.03 किमी।

रूट-यू11: तपोभूमि से नजरपुर, लंबाई 28.44 किमी।

रूट-यू 12: उज्जैन दर्शन, लंबाई 27.01 किमी।

(अभी किराया दर व रूट पर बसों की संख्या घोषित नहीं की गई

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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