छत्तीसगढ़दुर्ग-भिलाई

भिलाई इस्पात संयंत्र के ‘लोहा महाघोटाले’ पर कसा सीबीआई का शिकंजा

विधायक रिकेश सेन की मुहिम लाई रंग

​भिलाई नगर- भिलाई इस्पात संयंत्र में पिछले करीब चार दशकों से चल रहे करोड़ों रुपये के लोहा और स्क्रैप चोरी के मामले में अब केंद्रीय जांच एजेंसी ने दस्तक दे दी है। वैशाली नगर के विधायक रिकेश सेन द्वारा राष्ट्रीय संपत्ति को बचाने के लिए छेड़ी गई मुहिम का बड़ा असर हुआ है। विधायक की शिकायतों और लगातार उठाई गई मांगों के बाद इस संगठित अपराध पर लगाम कसने के लिए छत्तीसगढ़ शासन ने केंद्रीय एजेंसी को जांच सौंप दी है।

​इस बड़ी कार्रवाई की पुष्टि हाल ही में जारी सरकारी अधिसूचना से हुई है। छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 25 सितम्बर 2026 के अनुसार, छत्तीसगढ़ शासन के गृह (सी-अनुभाग) विभाग ने एक महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी की है। इस राजपत्रित आदेश के तहत ‘दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम 1946 की शक्तियों का प्रयोग करते हुए, दुर्ग जिले के थाना पुरानी भिलाई में दर्ज अपराध क्रमांक- 277/2026 के अनुसंधान (जांच) के लिए दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना (CBI) को संपूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य में अपनी शक्तियों और क्षेत्राधिकार के इस्तेमाल की आधिकारिक सहमति प्रदान कर दी गई है। यह सीधे तौर पर भिलाई में चल रहे इस महाघोटाले की उच्च-स्तरीय जांच की शुरुआत है।

विधायक के अनुसार, इस काले कारोबार के माध्यम से दसियों करोड़ का लोहा और स्क्रैप पार किया गया। विधायक ने आरोप लगाया था कि इस अकूत काली कमाई का इस्तेमाल न केवल चुनावों में भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों को हराने के लिए किया जाता रहा है, बल्कि अपराधियों को संरक्षण देने के लिए भी किया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि एक राजनीतिक पार्टी का कार्यालय बनाने में भी इसी चोरी के लोहे का इस्तेमाल किया गया। समाजसेवा का चोला ओढ़कर इस गिरोह ने भिलाई को दीमक की तरह खोखला करने का काम किया है।

इस राष्ट्रव्यापी नुकसान को रोकने और सफेदपोश अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजने के लिए, विधायक श्री सेन ने भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री कार्यालय, गृह मंत्री, केंद्रीय इस्पात मंत्रालय, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखा था। उन्होंने स्पष्ट रूप से सीबीआई, ईडी, ईओडब्ल्यू और एसीबी जैसी केंद्रीय एजेंसियों से जांच की मांग की थी।

दशकों से इस काले कारोबार के जरिए करोड़ों के आसामी बने अपराधियों का अब जेल जाना तय माना जा रहा है।जनहित और राष्ट्रीय संपत्ति की रक्षा की दिशा में वैशाली नगर विधायक का यह कदम भिलाई के इतिहास में एक निर्णायक मोड़ साबित हो रहा है।

Dinesh Purwar

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