चालू है न्यायधानी में अवैध रेत खनन का कारोबार! नदी में दिनदहाड़े चल रहे ट्रैक्टर, प्रशासन की निगरानी पर उठे सवाल

चालू है न्यायधानी में अवैध रेत खनन का कारोबार! नदी में दिनदहाड़े चल रहे ट्रैक्टर, प्रशासन की निगरानी पर उठे सवाल
बिलासपुर
न्यायधानी बिलासपुर में रेत खनन को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। कोनी क्षेत्र में नदी के किनारे बड़े पैमाने पर रेत उत्खनन और परिवहन किए जाने का दृश्य सामने आया है। मौके की तस्वीर में नदी के बीच रेत के बड़े-बड़े हिस्से दिखाई दे रहे हैं और ट्रैक्टर भी रेत वाले क्षेत्र में मौजूद नजर आ रहे हैं।
यह पूरा मामला कोनी, बिलासपुर क्षेत्र का बताया गया है। सुबह करीब 6:53 बजे की तस्वीर में नदी क्षेत्र में मशीनरी और ट्रैक्टर की मौजूदगी दिखाई दे रही है। इससे यह सवाल उठता है कि क्या यहां रेत का उत्खनन और परिवहन अधिकृत अनुमति के तहत हो रहा है या नियमों को दरकिनार कर गतिविधियां संचालित की जा रही हैं?
नदी का सीना खोदकर निकाली जा रही रेत?
मौके के दृश्य में नदी के बड़े हिस्से में रेत का फैलाव और पानी की संकरी धार दिखाई दे रही है। आसपास कई स्थानों पर खुदाई जैसे निशान भी नजर आ रहे हैं। यदि यहां बिना वैध अनुमति या निर्धारित खनन सीमा के बाहर रेत निकाली जा रही है, तो यह जांच का विषय है।
प्रशासन की निगरानी पर सवाल
रेत खनन को लेकर शासन द्वारा नियम और अनुमति व्यवस्था निर्धारित की गई है। इसके बावजूद यदि नदी क्षेत्र में सुबह-सुबह ट्रैक्टरों की आवाजाही और रेत उठाने का काम चल रहा है, तो संबंधित विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
अब देखना होगा कि खनिज विभाग, राजस्व विभाग और जिला प्रशासन इस मामले में मौके का निरीक्षण कर खनन की अनुमति, रॉयल्टी, खनन क्षेत्र और परिवहन दस्तावेजों की जांच करते हैं या नहीं।
सबसे बड़ा सवाल यही है— यदि खनन वैध है तो मौके पर इसकी अनुमति और रॉयल्टी संबंधी दस्तावेज क्या हैं, और यदि अनुमति नहीं है तो नदी क्षेत्र में यह गतिविधि किसकी निगरानी में चल रही है?




