राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

MP में ₹19,477 करोड़ के फार्मा निवेश की तैयारी, जापान से रूस तक 7 देशों पर CM मोहन यादव की नजर

भोपाल
 एमपी ने ग्लोबल निवेश की अगली बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। सीएम मोहन यादव ने मुंबई में सात देशों के राजनयिक प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उन्हें GIS-2027 में पार्टनर कंट्री बनने का न्योता दिया। इसी दौरान फार्मा उद्योग के दिग्गजों के साथ बैठक में पिछले 18 महीनों के 19,477 करोड़ के प्रस्तावित निवेश और 18,646 संभावित रोजगार का खाका सामने रखा गया।

GIS-2027 में सात देशों की भागीदारी पर जोर
जापान, मेक्सिको, रूस, दक्षिण कोरिया, थाईलैंड, मिस्र और दक्षिण अफ्रीका के प्रतिनिधियों से चर्चा में सीएम ने कहा कि मध्यप्रदेश की वैश्विक साझेदारी अब ठोस परियोजनाओं पर आधारित होगी। जनवरी 2027 में भोपाल में होने वाली GIS के जरिए प्रदेश निवेश और व्यापारिक रिश्तों को और विस्तार देना चाहता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेश प्रस्तावों की असली सफलता उनके जमीन पर उतरने से तय होगी।

फार्मा में 19,477 करोड़ के प्रस्ताव मिले
फार्मा, बायोटेक और मेडिकल डिवाइस सेक्टर को लेकर मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले 18 महीनों में 54 निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इनमें करीब 19,477 करोड़ का निवेश और 18,646 रोजगार की संभावना है। इनमें 34 इकाइयों के करीब 12,306 करोड़ के प्रस्तावों के लिए जमीन आवंटित होने और 14 इकाइयों में उत्पादन शुरू होने की जानकारी दी गई।

मेडिकल डिवाइस पार्क में 17 इकाइयां शुरू
उज्जैन के विक्रम उद्योगपुरी मेडिकल डिवाइस पार्क में 57 इकाइयों को आवंटन दिया गया है, जबकि 17 इकाइयों ने उत्पादन शुरू कर दिया है। यहां करीब 2,374.86 करोड़ के निवेश और 9,625 रोजगार की संभावना बताई गई। रतलाम में 1,666.3 हेक्टेयर में मेगा इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किया जा रहा है, जहां फार्मा, बायोटेक और केमिकल सेक्टर को प्राथमिकता मिलेगी।

पीथमपुर से उज्जैन तक विदेशी निवेश
मुख्यमंत्री ने ब्रिटेन की हेलियॉन के पीथमपुर में करीब 2,000 करोड़, जापान के टोप्पन समूह के करीब 950 करोड़ और दक्षिण कोरिया की ईसीडीएस के उज्जैन में करीब 780 करोड़ के प्रस्तावों का उल्लेख किया। प्रदेश में 300 से अधिक फार्मा कंपनियां और 30 से ज्यादा API एवं बल्क ड्रग निर्माता होने की जानकारी भी दी गई।

R&D और एक्सपोर्ट पर भी फोकस
उद्योग संवर्धन नीति-2025 के तहत फार्मा, बायोटेक और मेडिकल डिवाइस को फोकस सेक्टर बनाया गया है। पात्र निवेश पर 40 प्रतिशत तक प्रोत्साहन, R&D खर्च पर 50 प्रतिशत सहायता और टेस्टिंग व क्वालिटी सर्टिफिकेशन के लिए वित्तीय सहयोग का प्रावधान बताया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि लक्ष्य केवल दवा बनाने तक सीमित नहीं है। मध्यप्रदेश में API, वैक्सीन, इंजेक्टेबल, बायोटेक, मेडिकल डिवाइस, रिसर्च, टेस्टिंग और निर्यात की पूरी वैल्यू चेन विकसित करने की तैयारी है।

8.5 लाख करोड़ से ज्यादा निवेश का दावा
मुख्यमंत्री ने बताया कि 2025 की GIS के बाद मध्यप्रदेश में ₹8.5 लाख करोड़ से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है। उन्होंने कहा कि GIS-2027 में भी सरकार का जोर घोषणाओं से ज्यादा उनके क्रियान्वयन पर रहेगा। उन्होंने विदेशी प्रतिनिधियों को 2028 के उज्जैन सिंहस्थ में आने का निमंत्रण देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश भारत का हृदय प्रदेश है और उसका स्वभाव दुनिया को जोड़ना है।

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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