खेल जगत

72 साल के कोच और रोनाल्डो के बीच विवाद, दो बार धोखा मिलने का दावा

नई दिल्ली
 पुर्तगाल और विश्व फुटबॉल के सबसे बड़े सितारे क्रिस्टियानो रोनाल्डो एक बार फिर चर्चा में हैं। इंटरनेट मीडिया पर काफी चर्चा बटोरने के बाद डिलीट हुए सीएनएन पुर्तगाल के एक इंटरव्यू की कुछ लाइनों पर लोग दिल खोलकर चर्चा कर रहे हैं। हालांकि सोमवार सुबह शुरू हुई इस चर्चा का प्रभाव ये रहा कि शाम होते-होते सीएनएन पुर्तगाल ने रोनाल्डो का वो इंटरव्यू डिलीट कर दिया।

रोनाल्डो ने इस इंटरव्यू में कहा था, "लोग मेरी मौजूदा फॉर्म और मेरे गोलों की अहमियत नहीं समझ रहे हैं। 1000 करियर गोलों के रिकॉर्ड का पीछा कर रहे रोनाल्डो से इस बारे में भी सवाल हुआ था। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह 1,000 गोल के आंकड़े तक पहुंचना चाहते हैं, तो रोनाल्डो ने जवाब दिया, "चीजें अपने-आप होनी चाहिए।"

'मुझसे बेहतर कोई नहीं'
यही नहीं, रोनाल्डो ने इस इंटरव्यू में ये भी कह दिया कि फुटबॉल की दुनिया में उनसे बेहतर खिलाड़ी कोई नहीं है। रोनाल्डो ने एक लाइन में कहा, "इतिहास में सबसे बेहतरीन खिलाड़ी मैं ही हूं, बस बात खत्म। आंकड़े खुद सब कुछ बयां करते हैं। अगर मैं वहां (1,000 गोल तक) पहुंचता हूं, तो यह बहुत बढ़िया बात होगी, एक लक्ष्य होगा, लेकिन मैं लंबे समय की योजना नहीं बनाता।"

असल में रोनाल्डो ये बातें फरवरी 2025 में ही ला सेक्सटा नाम के स्पेनिश टीवी चैनल पर कह चुके थे और सीएनएन पुर्तगाल ने वही पुराना इंटरव्यू बिना किसी स्पष्टीकरण के दोबारा से साझा कर दिया था। हाल के दिनों में यह कम से कम चौथी बार था जब रोनाल्डो से जुड़ी बातों ने इंटरनेट मीडिया पर हंगामा खड़ा किया हो। शुक्रवार दो अक्टूबर को हुए पुर्तगाल-डेनमार्क मैच से ठीक पहले वह राष्ट्रीय टीम का कैंप छोड़कर चले गए थे। बताया गया कि नॉर्वे के विरुद्ध मैच में उन्हें मैदान पर उतरने का मौका नहीं मिला और इससे गुस्साए रोनाल्डो ने टीम से अलग होने का फैसला कर लिया।

जारी किया संदेश
इंटरनेट मीडिया पर एक संदेश जारी कर उन्होंने प्रशंसकों से वादा किया था कि जल्दी ही वह इसका पूरा सच बताएंगे। रोनाल्डो के हिस्से का सच बुधवार सात अक्टूबर को हुए अर्जेंटीना बनाम बेनिन मैच से ठीक पहले आया जब उन्होंने खुद एक लंबा लेख लिखकर दावा किया कि पुर्तगाल फुटबॉल टीम के मुख्य कोच जॉर्ज जेसुस ने उनका भरोसा तोड़ा। रोनाल्डो द्वारा एक लिस्ट भी साझा की गई जिसमें उन्होंने बताया था कि कैसे नॉर्वे के विरुद्ध मैच के बाद कोच, पुर्तगाल फुटबॉल फेडरेशन और उनके बीच एक लिखित समझौता हुआ था कि जेसुस मीडिया के सामने रोनाल्डो से माफी मांगेंगे, क्योंकि मामले को खत्म करने का यही एकमात्र तरीका है।

कोच ने नहीं मांगी माफी
हालांकि कोच ने प्रेस वार्ता में जाकर इनमें से एक भी बात नहीं बोली और बकौल रोनाल्डो यह दूसरी बार था जब कोच जेसुस ने उन्हें धोखा दिया। रोनाल्डो के कैंप छोड़ने के बाद पुर्तगाल ने नेशंस लीग का अपना हर मैच जीता और हाल ही में पुर्तगाल फुटबॉल संघ ने बताया था कि रोनाल्डो द्वारा कैंप छोड़ने के मामले में उन पर कार्यवाही की शुरुआत हो चुकी है और इस मामले में वह अभी निलंबित रहेंगे। रोनाल्डो ने अपने बयान में इस समझौते के सारे बिंदु भी साझा किए।

इनके मुताबिक जेसुस को मीडिया से यह बातें करनी थीं-
1. मैंने खुद क्रिस्टियानो को नेशनल टीम के साथ इस सीजन के लिए एक प्लान का प्रस्ताव दिया था। यह एक लंबी और बहुत अच्छी बातचीत थी।
2. मैं जानता हूं कि वह नेशनल टीम को कितना चाहते हैं और उससे कितना जुड़ाव महसूस करते हैं, और दुनिया में उनकी क्या अहमियत है, और उससे भी ज्यादा, पिछले 24 सालों से नेशनल टीम पर उनका कितना सकारात्मक प्रभाव रहा है।
3. क्रिस्टियानो ने मेरे बताए प्लान को मंजूरी दे दी।
4. उन्होंने मेरे फैसलों पर कभी सवाल नहीं उठाया। उनका व्यवहार मिसाल कायम करने वाला, वफादार और पेशेवर था।
5. नॉर्वे वाला मैच उस प्लान का हिस्सा नहीं था जो मैंने उनके लिए बनाया था। हालांकि, मुझे लगा कि वह पहले मैच के बाद शारीरिक रूप से ठीक हो गए हैं, इसलिए मैंने उन्हें बता दिया कि मुझे शायद उन्हें खिलाना पड़ सकता है। क्रिस्टियानो सहमत हो गए।
6. पेले या माराडोना जैसे बड़े खिलाड़ी को वॉर्म-अप के लिए बुलाना और फिर मैच में न खिलाना- यह मेरी गलती थी। अगर आज ऐसा करना हो, तो मैं ऐसा नहीं करूंगा।
7. बात खत्म करते हुए: मैं क्रिस्टियानो को नेशनल टीम में चाहता हूं। असल में, मैं उन्हें थोड़ा-बहुत नहीं, बल्कि बहुत ज्यादा चाहता हूं। अच्छी बात यह है कि वह भी मुझ पर भरोसा करते हैं। उन्होंने अल-नस्र में भी मुझ पर भरोसा किया था और यहां भी करते हैं।
8. प्रशंसकों का अभिवादन न करने के बारे में। "हम इस बारे में पहले ही बात कर चुके हैं। जिस खिलाड़ी ने राष्ट्रीय टीम के लिए 230 से ज्यादा मैच खेले हों, उसे पुर्तगाल के लिए प्यार के बारे में मुझसे सीखने की जरूरत नहीं है। वह निराशा का एक पल था, जिससे कुछ भी बदल नहीं जाता। वह ऐसा खिलाड़ी है जो सबसे ज्यादा ऑटोग्राफ देता है, सबसे ज्यादा सेल्फी लेता है और प्रशंसकों के प्रति सबसे ज्यादा प्यार दिखाता है। जहां कोई समस्या नहीं है, वहां समस्याएं न बनाएं। जब हम खुश नहीं होते तो प्रतिक्रिया देते हैं।

 

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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