छत्तीसगढ़रायपुर

‘मेरी बेटी–मेरा अभिमान’ अभियान के तहत ग्राम तर्रा में 7 लाख रुपए की लागत से निर्मित शौचालय में सौर ऊर्जा से प्रकाश व्यवस्था

वीबी-जी रामजी से बना प्रदेश का पहला सोलर बालिका शौचालय, बेटियों को मिली आधुनिक सुविधाओं की सौगात

दिव्यांग बालिकाओं के लिए विशेष शौचालय और रैंप की सुविधा

रायपुर-विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन ग्रामीण (वीबी-जी रामजी) के अंतर्गत संचालित ‘मेरी बेटी–मेरा अभिमान’ अभियान के तहत रायपुर जिले के अभनपुर विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत तर्रा के शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय में प्रदेश का पहला सोलर बालिका शौचालय बनाया गया है। लगभग 7 लाख रुपए की लागत से निर्मित इस आधुनिक शौचालय में सौर ऊर्जा से प्रकाश व्यवस्था के साथ दिव्यांग बालिकाओं के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इससे विद्यालय की 70 छात्राओं और दो महिला शिक्षिकाओं को बड़ी राहत मिली है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा प्रदेश की बेटियों के सम्मान के लिए वीबी-जीरामजी के अंतर्गत राज्यव्यापी ‘मेरी बेटी–मेरा अभिमान’ अभियान प्रारम्भ किया है। इस अभियान के तहत 26 जनवरी 2027 के गणतंत्र दिवस तक पूरे राज्य के सभी ग्रामीण शासकीय विद्यालयों में बालिकाओं के लिए शौचालय का अधिकार सुनिश्चित किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य बेटियों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना तथा विद्यालयों में उनकी नियमित उपस्थिति और शिक्षा को प्रोत्साहित करना है।

सौर ऊर्जा से प्रकाश व्यवस्था, दिव्यांग बालिकाओं के लिए विशेष सुविधा

ग्राम तर्रा में शौचालय निर्माण के लिए वीबी-जी रामजी योजना से 5 लाख रुपए तथा कलेक्टर श्री गौरव सिंह द्वारा गौण खनिज विकास मद से 2 लाख रुपए प्रदान किए गए हैं। भवन की छत पर सोलर पैनल स्थापित किया गया है, जिससे प्रकाश की व्यवस्था होगी। पानी की उपलब्धता के लिए नल एवं सिंटेक्स टंकी लगाई गई है। इसके साथ बालिकाओं की सुविधा के लिए सेनेटरी पैड इंसिनिरेटर भी लगाया गया है। दिव्यांग बालिकाओं की सुविधा के लिए अलग शौचालय, रैंप और सहारे के लिए रेलिंग बनाई गई है। परिसर में पेवर ब्लॉक, पौधरोपण एवं साफ-सफाई की व्यवस्था भी की गई है।

जर्जर शौचालय से मिल रही थी परेशानी, अब छात्राओं में खुशी

ग्राम तर्रा के इस विद्यालय में पूर्व में निर्मित शौचालय पूरी तरह जर्जर हो चुका था। इसके कारण छात्राओं को कई बार शौचालय के उपयोग के लिए घर जाना पड़ता था, जबकि महिला शिक्षिकाओं को पंचायत भवन की सुविधा का सहारा लेना पड़ता था। इस समस्या से छात्राओं की पढ़ाई और स्वास्थ्य भी प्रभावित हो रहे थे। विद्यालय की आवश्यकता को देखते हुए नए शौचालय का निर्माण स्वीकृत किया गया, जिसे स्थानीय जनप्रतिनिधियों, विभागीय अधिकारियों, शिक्षकों और ग्रामीणों के सहयोग से पूर्ण किया गया।

नया शौचालय बनने से छात्राओं में खुशी है। उन्होंने बताया कि पहले शौचालय के अभाव में काफी परेशानी होती थी और कई बार विद्यालय आने का मन भी नहीं करता था। अब स्वच्छ एवं सुविधाजनक शौचालय उपलब्ध होने से वे बिना किसी बाधा के अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगी। महिला शिक्षिकाओं ने भी इस सुविधा के लिए प्रसन्नता व्यक्त की है।

अभनपुर जनपद में 94 बालिका शौचालयों के निर्माण की तैयारी

जनपद पंचायत अभनपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीं दयानंद देवांगन ने बताया कि ‘मेरी बेटी–मेरा अभिमान’ अभियान के अंतर्गत जनपद क्षेत्र में 94 बालिका शौचालयों के निर्माण के लिए स्थान चिन्हित किए गए हैं। ग्राम तर्रा में निर्मित बालिका शौचालय की तरह अन्य चिन्हित स्थानों पर भी सुविधाजनक शौचालयों का निर्माण किया जाएगा। इस शौंचालय को एयरपोर्ट के जैसे बनाया गया है।

जिस प्रकार से एयरपोर्ट के शौंचालयों में सभी सुविधाएं दी जाती है, उसी तर्ज पर कलेक्टर गौरव सिंह के मार्गदर्शन में सभी सुविधाओं के साथ बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखने हेतु सेनेटरी पैड इंसिनिरेटर भी लगाया जा रहा है।ग्राम तर्रा की यह पहल ग्रामीण विद्यालयों में स्वच्छता, नवीकरणीय ऊर्जा और दिव्यांग अनुकूल अधोसंरचना के समन्वय का उदाहरण है। ‘मेरी बेटी–मेरा अभिमान’ अभियान के माध्यम से बेटियों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और सम्मान से जुड़ी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।

Dinesh Purwar

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