राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

मुरादाबाद बनेगा वैश्विक औद्योगिक केंद्र, ‘यूपी डायलॉग्स’ में मंथन

 –होटल मानसरोवर पैराडाइज में ‘यूपी डायलॉग्स–मुरादाबाद चैप्टर’ का आयोजन, एमएसएमई सशक्तीकरण, सुशासन, शिक्षा और महिला उत्थान पर चर्चा

 –मुरादाबाद के 11,460 करोड़ और मंडल के 19,800 करोड़ रुपये के वार्षिक निर्यात को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की रणनीति तैयार

 –ओडीओपी और एमएसएमई योजनाओं से पारंपरिक पीतल हस्तशिल्प को आधुनिक डिजिटल बाजार व ई-कॉमर्स से जोड़ने पर जोर

 –‘सीएम-युवा’ अभियान के तहत 5 लाख रुपये तक के ब्याज-मुक्त ऋण से 10 वर्षों में 10 लाख युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने का लक्ष्य

मुरादाबाद
‘पीतल नगरी’ मुरादाबाद को वैश्विक औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से आज दिल्ली रोड स्थित होटल मानसरोवर पैराडाइज में ‘यूपी डायलॉग्स–मुरादाबाद चैप्टर’ का आयोजन किया गया। ‘विरासत, विकास और वैश्विक संभावनाएं’ विषय पर आधारित इस संवाद में विशेषज्ञों ने जिले की 1.20 लाख से अधिक और पूरे मंडल की लगभग 3.44 लाख एमएसएमई इकाइयों के विस्तार पर मंथन किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य स्थानीय कारीगरों, उद्यमियों तथा मुरादाबाद के 4,200 व मंडल के 6,300 निर्यातकों की शिल्प परंपरा को आधुनिक तकनीक और वैश्विक बाजार से जोड़ना है। कार्यक्रम में संयुक्त आयुक्त (उद्योग) योगेश कुमार, तीर्थंकर महावीर विश्वविद्यालय के लॉ डीन प्रो. हरबंश दीक्षित, हिंदू कॉलेज की वरिष्ठ शिक्षाविद् मेजर (डॉ.) मीनू मेहरोत्रा और मीडिया सेल प्रमुख डॉ. माधव शर्मा मुख्य वक्ता रहे।

औद्योगिक विकास और ओडीओपी से निर्यात को गति
संयुक्त आयुक्त उद्योग योगेश कुमार ने बताया कि सरकारी नीतियों से मुरादाबाद के 11,460 करोड़ रुपये और पूरे मंडल के लगभग 19,800 करोड़ रुपये के वार्षिक निर्यात को वैश्विक स्तर पर नई गति मिल रही है। ‘ओडीओपी वित्त पोषण सहायता योजना’ के तहत इकाइयों को बैंक ऋण के साथ 20 लाख रुपये तक मार्जिन मनी दी जा रही है। इसके अलावा, कारीगरों को टूलकिट व प्रशिक्षण, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, कॉमन फैसिलिटी सेंटर और तकनीकी उन्नयन से जोड़ा जा रहा है। संवाद में उत्पादों की फिनिशिंग, पैकेजिंग एवं ई-कॉमर्स के जरिए अंतरराष्ट्रीय व्यापार बढ़ाने पर जोर दिया गया।

सुशासन और सुरक्षित कारोबारी माहौल
प्रो. हरबंश दीक्षित ने कहा कि प्रदेश में मजबूत कानून व्यवस्था और पारदर्शी प्रशासन से स्थानीय कारीगरों, छोटे उद्यमियों और निर्यातकों को सुरक्षित कारोबारी माहौल मिला है। डिजिटल सरकारी सेवाओं और ऑनलाइन शिकायत निवारण से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। चर्चा में अनुभवी उद्यमियों और युवाओं की नई सोच के बीच समन्वय बनाकर विकास को गति देने पर जोर दिया गया।

‘सीएम-युवा’ से स्वरोजगार और महिला सशक्तीकरण
मेजर (डॉ.) मीनू मेहरोत्रा के साथ संवाद में शिक्षा को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप ढालने और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने पर चर्चा हुई। बताया गया कि अगले 10 वर्षों में 10 लाख युवाओं को स्वरोजगार देने के लिए ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ के तहत 5 लाख रुपये तक की परियोजनाओं पर ब्याज-मुक्त एवं बिना गारंटी ऋण (10% मार्जिन मनी अनुदान सहित) दिया जा रहा है। वहीं, ‘मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना’ में उद्योग क्षेत्र के लिए 25 लाख रुपये और सेवा क्षेत्र के लिए 10 लाख रुपये तक के ऋण पर 25% मार्जिन मनी का प्रावधान है। साथ ही, हस्तशिल्प में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और उन्हें डिजिटल बाजारों से जोड़ने पर बल दिया गया।

सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक ब्रांडिंग
डॉ. माधव शर्मा ने मुरादाबाद की पीतल कला और कारीगरों के हुनर को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के उपायों पर बात की। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स, प्रदर्शनियों, पर्यटन और बेहतर ब्रांडिंग के जरिए मुरादाबाद की पारंपरिक विरासत को नए वैश्विक बाजारों तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के संकल्प को मजबूती मिल रही है।

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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