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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हेलीकॉप्टर से रंथभंवर में कृष्णमृग और नीलगाय रेस्क्यू अभियान के द्वितीय चरण का किया अवलोकन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हेलीकॉप्टर से रंथभंवर में कृष्णमृग और नीलगाय रेस्क्यू अभियान के द्वितीय चरण का किया अवलोकन

दक्षिण एशिया में अपनी तरह का यह पहला प्रयास शाजापुर जिले में हो रहा है साकार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रदेश सरकार किसान कल्याण और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रोजेक्ट एन्टीलोप ट्रांसलोकेशन अन्तर्गत 2000 कृष्णमृगों के स्थानांतरण करने का लक्ष्य : 31 अक्टूबर तक चलेगा अभियान

शाजापुर 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश सरकार किसान कल्याण और प्रकृति एवं वन्यजीवों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत किसानों की फसलों को जंगली जानवरों, विशेषकर कृष्णमृग एवं नीलगाय से होने वाले नुकसान से बचाने के साथ वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। शाजापुर जिले में किसानों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए पिछले वर्ष बोमा पद्धति से कृष्णमृग और नीलगाय के रेस्क्यू का अभियान प्रारंभ किया गया था। इस अभियान में दक्षिण अफ्रीका की विशेष टीम की सहायता से वन्यजीवों को सुरक्षित तरीके से पकड़कर निर्धारित सुरक्षित वन क्षेत्रों में पहुंचाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रेस्क्यू के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा जा रहा है कि वन्यजीवों को किसी प्रकार की चोट न पहुंचे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज शाजापुर जिले के ग्राम रंथभंवर पहुंचकर कृष्णमृगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए संचालित प्रोजेक्ट एन्टीलोप ट्रांसलोकेशन अन्तर्गत किए जा रहे रेस्क्यू अभियान के द्वितीय चरण का अवलोकन किया। उल्लेखनीय हैं कि उक्त अभियान शाजापुर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 09 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक चलाया जा रहा है। इसके तहत द्वितीय चरण में 2000 कृष्णमृगों के स्थानांतरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि अब तक शाजापुर जिले से लगभग 1236 से अधिक कृष्णमृगों और नीलगायों का सुरक्षित रेस्क्यू किया जा चुका है। रेस्क्यू किए गए कृष्णमृगों को श्योपुर के जंगलों, गांधी सागर और रानी दुर्गावती रिजर्व फॉरेस्ट सहित निर्धारित वन क्षेत्रों में पहुंचाया जा रहा है, इसके लिए 11 ट्रकों की व्यवस्था की गई है। वन्यजीवों के सुरक्षित परिवहन के लिए पशु चिकित्सकों, आवश्यक उपकरणों तथा अन्य जरूरी व्यवस्थाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।

दक्षिण एशिया में अपनी तरह का पहला रेस्क्यू अभियान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हेलीकॉप्टर की सहायता से बोमा पद्धति पर आधारित वन्यजीव रेस्क्यू का यह अभियान दक्षिण एशिया में अपनी तरह का पहला प्रयास है। इस पहल से वन्यजीवों का संरक्षण करने के साथ किसानों की फसलों को नुकसान से बचाने में भी मदद मिलेगी। उन्होंने अभियान में जुटे वन विभाग एवं प्रशासन की टीम के प्रयासों की सराहना भी की तथा विश्वास व्यक्त किया कि इस परियोजना की सफलता से देश के अन्य राज्यों को भी ऐसी पहल करने की प्रेरणा मिलेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन विभाग एवं प्रशासनिक अधिकारियों से अभियान की प्रगति और व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने कैमोफ्लाज्ड मचान से बोमा पद्धति के माध्यम से किए जा रहे कृष्णमृग एवं नीलगाय के रेस्क्यू कार्य का निरीक्षण भी किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन विभाग एवं प्रशासनिक टीम के साथ समूह छायाचित्र भी खिंचवाया।

इस अवसर पर शाजापुर विधायक श्री अरुण भीमावद, कालापीपल विधायक श्री घनश्याम चंद्रवंशी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री हेमराज सिंह सिसोदिया, प्रमुख सचिव वन श्री राघवेन्द्र कुमार सिंह, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री शुभरंजन सेन, मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक डॉ. समिता राजौरा, उज्जैन संभागायुक्त श्री आशीष सिंह, एडीजी श्री राकेश गुप्ता, मुख्य वन संरक्षक डॉ. किरण बिसेन, कलेक्टर डॉ. परिक्षित संजयराव झाड़े, पुलिस अधीक्षक श्रीमती प्रियंका शुक्ला, प्रधान रेस्क्यू एवं ट्रांसलोकेशन अभियान की नोडल अधिकारी सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं ग्रामीणजन मौजूद थे। 

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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