राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

संयुक्त बेंच में 51 प्रकरणों की सुनवाई, महिलाओं की समस्याओं के संवेदनशील समाधान पर जोर

प्रदेश में 17 संयुक्त बेंचों के माध्यम से 554 प्रकरणों की सुनवाई, 143 का निराकरण

भोपाल
मध्यप्रदेश राज्य महिला आयोग द्वारा महिलाओं की शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में आयोग की संयुक्त बेंच में 51 प्रकरण सुनवाई के लिए प्रस्तुत किए गए। आयोग की अध्यक्ष श्रीमती रेखा यादव, सदस्य श्रीमती साधना स्थापक एवं सचिव श्री सुरेश तोमर ने आवेदकों और अनावेदकों के पक्ष सुने तथा संबंधित प्रकरणों में नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया पर विचार किया।

जनसुनवाई में महिला प्रताड़ना, दहेज संबंधी शिकायतों, घरेलू हिंसा, कार्यस्थल पर उत्पीड़न, पारिवारिक विवाद, साइबर अपराध एवं संपत्ति संबंधी मामलों सहित विभिन्न शिकायतों पर सुनवाई की गई। इनमें महिला प्रताड़ना के 15, दहेज संबंधी 9, घरेलू अत्याचार के 9, कार्यस्थल पर प्रताड़ना के 3, पारिवारिक विवाद के 3, मारपीट और संपत्ति विवाद के 2-2 प्रकरण शामिल थे। इसके अतिरिक्त साइबर अपराध, यौन उत्पीड़न, मानसिक प्रताड़ना, विभागीय एवं अन्य प्रकृति के प्रकरण भी प्रस्तुत किए गए।

जनसुनवाई के दौरान पारिवारिक विवाद एवं दहेज संबंधी शिकायत के एक प्रकरण में आवेदिका ने ससुराल पक्ष द्वारा आर्थिक मांग किए जाने तथा घरेलू प्रताड़ना की शिकायत प्रस्तुत की। एक अन्य प्रकरण में विवाह का आश्वासन देकर कथित शोषण किए जाने संबंधी शिकायत पर सुनवाई की गई। आयोग ने संबंधित पक्षों की शिकायतों और उपलब्ध तथ्यों को संज्ञान में लेते हुए नियमानुसार कार्रवाई पर विचार किया।

लंबित शिकायतों के निराकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता
मध्यप्रदेश राज्य महिला आयोग में मई 2026 में अध्यक्ष एवं सदस्यों के नवीन मनोनयन के समय कुल 31 हजार 825 शिकायतें लंबित थीं। आयोग द्वारा इन प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाने के उद्देश्य से प्रदेशभर में 17 संयुक्त बेंच आयोजित की गईं। इन बेंचों में 554 प्रकरणों की सुनवाई की गई, जिनमें से 143 प्रकरणों का निराकरण किया गया। इसके अतिरिक्त आयोग द्वारा लंबित शिकायतों में संबंधित विभागों से प्रतिवेदन प्राप्त करने तथा आवेदकों से संपर्क स्थापित कर आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण करने के आधार पर 3 हजार 243 शिकायतों का निराकरण किया गया है। वर्तमान में आयोग में लगभग 28 हजार 429 प्रकरण लंबित हैं।

आयोग की अध्यक्ष श्रीमती रेखा यादव ने कहा कि महिलाओं की शिकायतों का समयबद्ध, निष्पक्ष एवं संवेदनशील निराकरण आयोग की प्राथमिकता है। महिलाओं को अपनी समस्याएं रखने के लिए सुलभ मंच उपलब्ध कराने तथा उन्हें आवश्यक सहायता और न्याय दिलाने की दिशा में आयोग प्रतिबद्ध है। उन्होंने लंबित प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाने और जनसुनवाई व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया।

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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