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छत्तीसगढ़ हॉकी लीग पूरे देश के लिए रोल मॉडल, हॉकी देश का गौरव : केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया

छत्तीसगढ़ हॉकी लीग प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने का सशक्त माध्यम बनेगी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन से गांवों और जनजातीय अंचलों की प्रतिभाओं को मिलेगा आगे बढ़ने का अवसर

मुख्यमंत्री साय और केंद्रीय मंत्री डॉ. मांडविया छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में हुए शामिल

बस्तर से सरगुजा तक की खेल प्रतिभाओं को अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का मिला बड़ा मंच

रायपुर-मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में आयोजित छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने विजेता एवं उपविजेता टीमों सहित प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ हॉकी लीग प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस आयोजन ने राज्य के विभिन्न क्षेत्रों के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ ही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुभवी खिलाड़ियों से सीखने का अवसर प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। हमारे गांवों, जनजातीय अंचलों और दूरस्थ क्षेत्रों में अपार खेल प्रतिभाएं मौजूद हैं। आवश्यकता है उन्हें उचित अवसर, आधुनिक प्रशिक्षण और बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने की। राज्य सरकार इसी उद्देश्य के साथ खेल अधोसंरचना के विस्तार और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ हॉकी लीग ने प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों को खेल के माध्यम से एक सूत्र में पिरोने का सराहनीय कार्य किया है। प्रतियोगिता में छह टीमों—राजधानी रॉयल्स, न्यायधानी नाइट्स, संस्कारधानी स्ट्राइकर्स, चक्रधर चैंपियंस, बैलाडीला बुल्स और मैनपाट टाइटंस ने भाग लिया। इन छह टीमों की सहभागिता ने इस आयोजन को पूरे छत्तीसगढ़ का खेल उत्सव बना दिया। बस्तर से लेकर सरगुजा और रायगढ़ से लेकर राजनांदगांव तक के खिलाड़ियों को आपस में खेलने, अनुभव साझा करने और अपनी खेल क्षमता को निखारने का अवसर मिला।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस लीग की एक बड़ी विशेषता प्रत्येक टीम में एक-एक ओलंपिक खिलाड़ी की सहभागिता रही। इससे प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने वाले अनुभवी खिलाड़ियों के साथ मैदान साझा करने और खेल की बारीकियां सीखने का अवसर मिला। इस प्रकार के आयोजन युवा खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ ही उन्हें भविष्य की बड़ी प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ हॉकी लीग का संदेश ‘चलव रे संगी, हॉकी खेलबो’ प्रदेश के युवाओं को खेल के मैदान से जोड़ने का प्रेरक मंत्र बनकर सामने आया है। इस आयोजन की विशेष बात यह भी रही कि प्रतियोगिता के मुकाबलों के प्रसारण की व्यवस्था जियोहॉटस्टार पर की गई। इससे छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों की प्रतिभा को व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचने का अवसर मिला। हिंदी के साथ छत्तीसगढ़ी भाषा में कमेंट्री की व्यवस्था ने आयोजन को और अधिक आत्मीय तथा स्थानीय संस्कृति से जुड़ा बनाया। हॉकी के रोमांच के साथ छत्तीसगढ़ी भाषा की मिठास भी दर्शकों तक पहुंची।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को पहचानने, उन्हें प्रोत्साहित करने तथा बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन की शुरुआत की गई है। इस मिशन के माध्यम से गांवों और दूरस्थ क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें प्रशिक्षण केंद्रों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य है कि संसाधनों के अभाव में किसी भी प्रतिभाशाली खिलाड़ी का सपना अधूरा न रह जाए।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ हॉकी लीग से भी ऐसी प्रतिभाएं सामने आएंगी, जो भारतीय हॉकी टीम की जर्सी पहनकर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश के लिए पदक जीतेंगी। श्री साय ने छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के सफल आयोजन के लिए आयोजकों, सभी छह टीमों के खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और आयोजन से जुड़े सभी सहयोगियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं प्रदेश में सकारात्मक खेल संस्कृति को मजबूत करने और युवाओं को स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि छत्तीसगढ़ हॉकी लीग का आयोजन पूरे देश के लिए रोल मॉडल है। यदि सरकार में दृढ़ इच्छाशक्ति हो, तो ऐसे सफल आयोजन संभव हैं। ऐसे आयोजनों से खेलों के विकास के साथ ही अच्छे खिलाड़ियों का निर्माण होता है, जो खेलों की प्रगति के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हॉकी का खेल देश का गौरव है। हॉकी भारत की समृद्ध खेल परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद ने अपने अद्भुत खेल कौशल से पूरी दुनिया में भारत का गौरव बढ़ाया। उनकी उपलब्धियां आज भी देश के युवा खिलाड़ियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करती हैं।

डॉ. मांडविया ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों के प्रति एक नया वातावरण तैयार हुआ है। खेलो इंडिया और फिट इंडिया जैसे अभियानों ने युवाओं में खेलों के प्रति रुचि और जागरूकता बढ़ाई है। आज देश के युवा खेल को केवल मनोरंजन या शारीरिक दक्षता का माध्यम नहीं, बल्कि अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और उज्ज्वल भविष्य बनाने के महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देख रहे हैं।

डॉ. मांडविया ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ हॉकी लीग का स्वरूप और अधिक व्यापक तथा प्रतिस्पर्धात्मक होगा। यह लीग न केवल प्रदेश, बल्कि देश के खिलाड़ियों के लिए आगे बढ़ने का सशक्त मंच बनेगी। निश्चित ही इससे राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर छत्तीसगढ़ की एक नई पहचान भी स्थापित होगी।इस अवसर पर उपमुख्यमंत्रीद्वय श्री अरुण साव और श्री विजय शर्मा, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल तथा छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के एंबेसडर श्री सरदार सिंह भी समापन समारोह में शामिल हुए।

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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