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MP में तूफान ‘मुरासु’ का असर, 5 नवंबर तक कई संभागों में आंधी-बारिश का अलर्ट

भोपाल 

'अर्नब' तूफान से मध्य प्रदेश में दिन में ठंडक बढ़ गई है। 4 दिन के अंदर ही अधिकतम तापमान में 7 से 8 डिग्री तक की गिरावट आई है। रात के तापमान में भी गिरावट होने लगी है।IMD (मौसम केंद्र) के मुताबिक, नए तूफान 'मुरासु' की वजह से 5 नवंबर तक प्रदेश में आंधी-बारिश का दौर बना रहेगा। सोमवार को जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, कटनी, उमरिया, अनूपपुर, शहडोल, मैहर, सीधी और सिंगरौली में तेज आंधी चलने और बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है।

इससे पहले रविवार को सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, मैहर और पांढुर्णा में कहीं-कहीं गरज-चमक व बूंदाबांदी हुई।नए तूफान का इन जिलों में असर मौसम विभाग के अनुसार, नए तूफान का असर प्रदेश के जबलपुर, रीवा, शहडोल, नर्मदापुरम और इंदौर संभाग के जिलों में रहेगा। भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग में बादल रहेंगे। कहीं-कहीं बूंदाबांदी भी हो सकती है।

दिन के तापमान में गिरावट पिछले 48 घंटे के दौरान चंबल, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में अधिकतम तापमान 5.3 डिग्री से 7.7 डिग्री तक की गिरावट रिकॉर्ड की गई। भोपाल, इंदौर, नर्मदापुरम, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर संभाग में 4.9 डिग्री तक पारा लुढ़क गया।वहीं, रात के तापमान में 1 से 2 डिग्री तक की गिरावट देखी गई। बीती रात दमोह में 14.5 डिग्री, अमरकंटक में 15.1 डिग्री, भोपाल में 15.2 डिग्री, शाजापुर के गिरवर में 15.4 डिग्री और बालाघाट के मलाजखंड में 15.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

चक्रवाती तूफान 'मुरासु' के आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ने के साथ तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और ओडिशा में सतर्कता बढ़ा दी गई है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों में कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। तीनों राज्यों में प्रशासन ने आपदा से निपटने की तैयारियां तेज कर दी हैं।मौसम विभाग के अनुसार, 2 नवंबर को चेन्नई और तिरुवल्लूर में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। चेंगलपट्टू, कांचीपुरम, रानीपेट, वेल्लोर और नीलगिरि में भी भारी बारिश का अनुमान है। 3 नवंबर को बारिश की तीव्रता कम होने की संभावना है, हालांकि नीलगिरि के कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। राज्य के राजस्व प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों को अलर्ट पर रहने और प्रशासनिक मशीनरी सक्रिय रखने का निर्देश दिया है। किसी भी अप्रिय घटना की सूचना तुरंत राज्य आपातकालीन ऑपरेशंस केंद्र को देने को कहा गया है।

चक्रवाती तूफान 'मुरासु' को देखते हुए आंध्र प्रदेश में बिजली कंपनियों को चक्रवात से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। 2 नवंबर को दक्षिण और मध्य तटीय जिलों में मध्यम से भारी बारिश और कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है। तेज हवाओं से बिजली के खंभों, तारों और ट्रांसफार्मर को नुकसान पहुंचने की आशंका है। ऊर्जा विभाग ने बिजली उपकरणों का पर्याप्त स्टॉक रखने, संवेदनशील इलाकों में कर्मचारी और मशीनरी तैनात करने तथा बिजली आपूर्ति बाधित होने पर जल्द बहाली सुनिश्चित करने को कहा है।ओडिशा सरकार ने दक्षिणी जिलों में हाई अलर्ट जारी किया है। राज्य के आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि सरकार चक्रवात से निपटने के लिए तैयार है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। 

सरकार ने निचले और पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। गजपति जिले में चिह्नित भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से सोमवार दोपहर तक लोगों को निकालने की तैयारी है। राज्य के विशेष राहत आयुक्त राजेश पी.

पाटिल के मुताबिक, पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन से निपटने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। दक्षिणी ओडिशा के प्रभावित इलाकों में बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए 6,400 से अधिक कर्मचारी तैनात किए गए है। 

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अब जानिए नवंबर में कैसा रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, नवंबर के दूसरे सप्ताह से ठंड का असर और बढ़ेगा। खासकर ग्वालियर-चंबल संभाग के जिलों में, जहां उत्तरी हवाएं सीधी आती हैं, वहां पारा लुढ़केगा। ग्वालियर में 57 साल पहले नवंबर में रात का टेम्प्रेचर रिकॉर्ड 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है।उज्जैन में 53 साल पहले न्यूनतम पारा रिकॉर्ड 2.3 डिग्री तक जा चुका है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर में इस महीने बारिश का ट्रेंड है। इस बार नवंबर के शुरुआत में ही बारिश का अलर्ट है। तीसरे और चौथे सप्ताह में सिस्टम एक्टिव होने से भी बारिश हो सकती है।

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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