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दंतेवाड़ा राज्योत्सव में दिखी छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत और विकास की झलक

दंतेवाड़ा राज्योत्सव में दिखी छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत और विकास की झलक

सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ विकास को गति देना सरकार की प्राथमिकता- सांसद महेश कश्यप

दंतेवाड़ा राज्योत्सव में पद्मडॉ. बुधरी ताती और स्वच्छता दीदियों का सम्मान, प्रतिभागियों को मिले पुरस्कार

रायपुर, 
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की 26वीं वर्षगांठ पर दंतेवाड़ा के मेंडका डोबरा मैदान में ‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’ थीम पर जिला स्तरीय राज्योत्सव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पद्मडॉ. बुधरी ताती सहित उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों और स्वच्छता दीदियों को सम्मानित किया गया। विभिन्न विभागों की प्रदर्शनियों के माध्यम से नागरिकों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में हितग्राहियों को सामग्री भी वितरित की गई।

       राज्योत्सव का शुभारंभ बस्तर सांसद महेश कश्यप ने किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं को संरक्षित रखते हुए विकास को गति देना सरकार की प्राथमिकता है। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के निर्णय से एक नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ अलग राज्य के रूप में अस्तित्व में आया। अलग राज्य बनने के बाद प्रदेश में विकास की नई संभावनाएं खुलीं।

         सांसद कश्यप ने कहा कि बस्तर के दूरस्थ क्षेत्रों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं का लगातार विस्तार हो रहा है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में सार्वजनिक वितरण प्रणाली, धान खरीदी और ग्रामीण अधोसंरचना के क्षेत्र में हुए कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में गरीब परिवारों, किसानों और वनांचल के लोगों के कल्याण के लिए कार्य किए जा रहे हैं। प्रदेश में गरीब परिवारों के लिए 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति और तेंदूपत्ता संग्राहकों को 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से भुगतान जैसी पहलें इसका उदाहरण हैं। उन्होंने योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सभी से सहभागी बनने का आह्वान किया।

        विधायक चौतराम अटामी ने कहा कि छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, लोककला, तीज-त्योहार और परंपराएं प्रदेश की विशिष्ट पहचान हैं। बस्तर और दंतेवाड़ा की सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित रखते हुए विकास को आगे बढ़ाना आवश्यक है। जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी ने कहा कि दंतेवाड़ा में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से बदलाव आ रहा है। जिले के युवा शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़कर विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रहे हैं।

पद्मडॉ. बुधरी ताती और स्वच्छता दीदियों का सम्मान

         राज्योत्सव में पद्मडॉ. बुधरी ताती को शॉल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया। उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। स्वच्छता के क्षेत्र में योगदान देने वाली स्वच्छता दीदियों को भी शॉल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया।

विभागीय प्रदर्शनियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रतिभागियों को पुरस्कार

       राज्योत्सव में विभिन्न विभागों द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों पर आधारित प्रदर्शनियां लगाई गईं। कार्यक्रम में विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया।

      कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती ओजस्वी मंडावी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष अरविंद कुंजाम, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती पायल गुप्ता, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुनीता भास्कर सहित अन्य जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में नागरिक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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