राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

योगी सरकार में दिव्यांगजन के हुनर को मिल रहा सम्मान और बाजार, स्वावलंबन की नई राह बना ‘दिव्य दीपावली मेला’

9 विभागीय और 16 स्वैच्छिक संस्थाओं ने लगाए आकर्षक स्टॉल

लखनऊ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार दिव्यांगजन को दया और सहानुभूति का पात्र मानने के बजाय उन्हें समान अवसर, सम्मान और आत्मनिर्भरता के साथ आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इसी सोच को धरातल पर उतारते हुए दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की ओर से गुरुवार को लखनऊ में 'दिव्य दीपावली मेला-2026' का भव्य आयोजन किया गया। मेले के माध्यम से दिव्यांगजन के हुनर, रचनात्मकता और उद्यमशीलता को मंच देने के साथ उनके स्वनिर्मित उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने की पहल की गई।

कार्यक्रम का उद्घाटन दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के प्रमुख सचिव राजेश कुमार सिंह ने फीता काटकर किया। राज्य स्तरीय इस मेले में 9 विभागीय संस्थाओं और 16 स्वैच्छिक संस्थाओं ने सहभागिता की। मेले का उद्देश्य दिव्यांग कारीगरों और उद्यमियों को उनके उत्पादों के प्रदर्शन एवं बिक्री के लिए अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।

मेले में दिव्यांगजन द्वारा तैयार हस्तशिल्प, कलात्मक सजावटी सामग्री, पारंपरिक दीपक, मोमबत्तियां, दीपावली पूजन सामग्री, गृह उपयोगी वस्तुओं और अन्य हस्तनिर्मित उत्पादों के आकर्षक स्टॉल लगाए गए। प्रमुख सचिव राजेश कुमार सिंह ने विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया और उत्पादों की गुणवत्ता, फिनिशिंग तथा उपयोगिता की सराहना की। उन्होंने दिव्यांग उत्पादकों से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया। साथ ही नागरिकों से अपील की कि वे त्योहारों पर दिव्यांगजनों द्वारा निर्मित उत्पादों की खरीदारी कर उनके हुनर और आत्मनिर्भरता के प्रयासों को प्रोत्साहित करें।

प्रमुख सचिव ने कहा कि दिव्यांगजन अपनी क्षमता, प्रतिभा और परिश्रम के बल पर हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने में सक्षम हैं। जरूरत उन्हें उचित अवसर, मंच और उत्पादों के विपणन के लिए बाजार उपलब्ध कराने की है। ऐसे आयोजन दिव्यांगजन को स्वरोजगार से जोड़ने और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन दया के नहीं, बल्कि समाज में समान भागीदारी, सम्मान और अवसरों के पूर्ण अधिकारी हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप प्रदेश सरकार दिव्यांगजन को कौशल विकास, स्वरोजगार और आर्थिक गतिविधियों से जोड़कर उन्हें विकास की मुख्यधारा में सहभागी बनाने की दिशा में काम कर रही है। 'दिव्य दीपावली मेला' इसी समावेशी विकास की सोच का उदाहरण है, जहां दिव्यांगजन को केवल अपने उत्पाद प्रदर्शित करने का अवसर ही नहीं मिल रहा, बल्कि सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंच बनाकर अपनी आजीविका को मजबूत करने का मंच भी मिल रहा है।

इस अवसर पर दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के अपर निदेशक, संयुक्त निदेशक, उप निदेशक, राज्य आयुक्त दिव्यांगजन, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी शशांक सिंह सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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