राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

16 साल का इंतजार खत्म! धार पहुंची ट्रेन, 130 KM की रफ्तार से हुआ आखिरी ट्रायल

इंदौर 

इंदौर-दाहोद रेल परियोजना के तहत धार तक ट्रेन पहुंचने का 16 साल पुराना इंतजार अब आखिरी पड़ाव की ओर बढ़ता नजर आ रहा है। टीही से धार के बीच तैयार 47 किमी लंबे रेलमार्ग पर ट्रेन संचालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम पूरा हुआ। रेलवे सुरक्षा आयुक्त (सीआरएस) ई. श्रीनिवास के नेतृत्व में अधिकारियों के दल ने दो दिवसीय निरीक्षण के पहले दिन टीही से गुणावद तक 32 किमी रेलखंड का बारीकी से परीक्षण किया। सात अलग-अलग ट्रॉलियों में सवार होकर निकले अधिकारियों ने ट्रैक की मजबूती, लेवलिंग, 25 केवी विद्युत लाइन, सिग्नल सिस्टम और रेलवे स्टेशनों पर उपलब्ध यात्री सुविधाओं का जायजा लिया।

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक पहले दिन का निरीक्षण सफल रहा। अब शुक्रवार को इस रेलमार्ग पर बड़ा परीक्षण हुआ । गुणावद से धार स्टेशन तक और इसके बाद टीही से धार के बीच पूरे 47 किमी रेलखंड पर इलेक्ट्रिक इंजन और कोच के साथ स्पीड ट्रायल किया । इस दौरान ट्रेन को 130 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से दौड़ाकर ट्रैक की क्षमता और सुरक्षा व्यवस्था को परखा । दो दिवसीय निरीक्षण पूरा होने के बाद सीआरएस की रिपोर्ट तैयार होगी, जिसके आधार पर आगे की प्रक्रिया तय होगी।

इंदौर-धार के बीच रेल कनेक्टिविटी का अहम पड़ाव
इंदौर से धार के बीच रेल कनेक्टिविटी का यह अहम पड़ाव है। साल 2008 में इंदौर-दाहोद रेल परियोजना का भूमिपूजन हुआ था। इसके बाद से जिले के लोग रेल सेवा शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। अब ट्रैक, विद्युतीकरण और सिग्नलिंग का काम पूरा होने के बाद सीआरएस निरीक्षण शुरू होने से उम्मीदें बढ़ गई हैं। रेलवे सूत्रों के मुताबिक, नवंबर के अंत या दिसंबर में इंदौर से धार के बीच नियमित रेल सेवा शुरू हो सकती है। हालांकि, इसकी आधिकारिक तारीख और लोकार्पण को लेकर अभी घोषणा नहीं हुई है।

सुबह पूजन के बाद सात ट्रॉलियों में निकला अधिकारियों का दल
 टीही स्टेशन पर निरीक्षण को लेकर हलचल रही। रेलवे सुरक्षा आयुक्त ई. श्रीनिवास समेत डीआरएम, निर्माण शाखा के धीरज कुमार और विभिन्न विभागों के अधिकारी पहुंचे। विधिवत पूजन के बाद सात से आठ अलग-अलग ट्रॉलियों में बैठकर अधिकारियों का दल निरीक्षण के लिए रवाना हुआ। दोपहर में टीम पीथमपुर स्टेशन पहुंची। यहां लगभग आधे घंटे तक प्लेटफॉर्म, रेलवे ट्रैक और यात्रियों के लिए बनाई गई सुविधाओं का निरीक्षण किया गया। वेटिंग रूम, हॉल, अधिकारियों के बैठने की व्यवस्था और टिकट घर का जायजा लिया। इसके बाद टीम सागौर और गुणावद स्टेशन पहुंची। यहां भी स्टेशन परिसर और निर्माण कार्यों की बारीकी से जांच की गई।

तीन किमी लंबी टनल से गुजरा अधिकारियों का काफिला
टीही से धार के बीच तैयार रेलमार्ग में तीन किमी लंबी टनल भी शामिल है। टनल का निर्माण परियोजना के चुनौतीपूर्ण हिस्सों में रहा, जिसके चलते काम में देरी हुई। अब टनल बनकर तैयार है। पिछले दिनों इसके भीतर से लोको इंजन भी गुजारा जा चुका है। गुरुवार को सीआरएस निरीक्षण के दौरान अधिकारियों का दल भी इसी टनल से होकर निकला। निरीक्षण में टनल के भीतर ट्रैक और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं को भी परखा गया।

चार बड़े स्टेशन और 40 पुल-पुलियाओं का निर्माण
इंदौर से धार के बीच करीब 67 किमी के हिस्से में रेलवे ने चार बड़े स्टेशन और लगभग 40 पुल-पुलियाओं का निर्माण किया है। सीआरएस निरीक्षण में रेलमार्ग के साथ इन निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की भी जांच की जा रही है। स्टेशन पर यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं का परीक्षण भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा है। निरीक्षण के बाद तैयार होने वाली समग्र रिपोर्ट रेल मंत्रालय को भेजी जाएगी।

धार स्टेशन पर रोशनी, प्लेटफॉर्म से मुख्य मार्ग तक तैयारी
ट्रेन के आगमन की उम्मीद में धार रेलवे स्टेशन भी सजकर तैयार हो चुका है। प्लेटफॉर्म सहित पूरे स्टेशन परिसर में आकर्षक लाइटिंग की गई है। इलेक्ट्रिक साइन बोर्ड पर रोशनी से चमकता धार नाम दूर से ही दिखाई देने लगा है। रतलाम रोड से स्टेशन तक पहुंचने के लिए सीसी रोड बनाया गया है। मुख्य मार्ग पर प्रवेश द्वार भी तैयार किया गया है। अब लोगों को स्टेशन पर ट्रेन के आने और नियमित रेल सेवा शुरू होने का इंतजार है।

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button