राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

भोपाल जिले के मतदानकर्मियों के लिए प्रशिक्षण हुआ

भोपाल

लोकसभा सामान्य निर्वाचन-2024 के लिये भोपाल जिले की सभी विधानसभाओं के मतदानकर्मियों के लिए एक साथ दो-दो सत्रों में प्रशिक्षण शुरू हुआ। यह प्रशिक्षण 5 अप्रैल तक संबंधित जनपद पंचायत के नियत स्थल पर दो-दो सत्रों में संचालित होगा। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी कौशलेंद्र विक्रम सिंह की अध्यक्षता में आज आठ स्थानों पर एक साथ प्रशिक्षण प्रारंभ हुआ।

भोपाल जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ऋतुराज सिंह ने प्रशिक्षण में सम्मिलित प्रशिक्षणार्थियों को निर्देशित किया कि चुनाव प्रक्रियाओं की बारीकियों को समझें। निर्वाचन संबंधी तमाम जिज्ञासाओं के समाधान के बाद ही प्रशिक्षण हॉल छोड़े। उन्होंने कहा कि निर्वाचन कार्य में हुई गलती क्षम्य नहीं होगी।

ऋतुराज सिंह ने प्रशिक्षणार्थियों से कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा प्रत्येक बिन्दु के संबंध में लिखित निर्देश जारी किए गए है जिसका अध्ययन कर शत प्रतिशत पालन कराया जाना है। उन्होंने सम्पूर्ण निर्वाचन कार्य टीम वर्क की भावना से करने पर बल देते हुए कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा प्रत्येक मतदानकर्मी की प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से निगरानी रखी जाती है। किसी एक की गलती से जिले की प्रतिष्ठा प्रभावित होती है। किन्ही भी परिस्थितियों में हमारी प्रतिष्ठा प्रभावित ना हो, इसका पूरा ध्यान रखना आवश्यक है।

सिंह ने कहा कि मतदान दल की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष निर्वाचन में मतदान दलों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, इसके लिए मतदान दलों को निर्वाचन प्रक्रिया से भली भांति अवगत होना आवश्यक है। मतदान के पूर्व की तैयारियों से लेकर मतदान दिवस तथा मतदान का समय समाप्त होने के पश्चात मतपत्र लेखा तैयार करनें की जानकारी तक से अवगत होना आवश्यक है। मतदान दल में तैनात सभी शासकीय सेवक ईव्हीएम संचालन का पर्याप्त अभ्यास कर लें।

प्रशिक्षणार्थियों को मास्टर ट्रेनर्स द्वारा मतदान दल के कर्तव्य एवं उत्तरदायित्व, पोलिंग एजेंटों की मतदान केंद्र पर नियुक्ति, मतदान केंद्र पर एक दिन पूर्व होने वाली कार्यवाही, मतदान के पूर्व की तैयारी एवं मॉक पोल, मतदान की पूर्व तैयारी एवं मॉक पोल, मॉक पोल का क्रम, मॉक पोल के दौरान मशीनों का परिवर्तन, मॉक पोल के पश्चात मशीनों की सीलिंग, वास्तविक मतदान प्रारंभ, मतदान केन्द्र में प्रवेश के लिये अनुमति धारक व्यक्ति, मतदान केंद्र पर मतदाताओं के प्रवेश का विनिमय, मतदान केंद्र और आस-पास निर्वाचन विधि का प्रवर्तन, मतदान प्रक्रिया, मतदान के दौरान की विशेष स्थितियां, बैटरी का विस्थापन, विस्थापन, व्हीव्हीपीएटी पेपर स्लिप पर गलत प्रिंट, मतदान समाप्ति पर कार्यवाही, निर्वाचन अभिलेख तैयार करना एवं पैकिंग, किंग, बुकलेट प्रपत्र, आदि की जानकारी दी गई। इसके अलावा पीठासीन अधिकारियों को भी मास्टर ट्रेनर्स द्वारा प्रशिक्षित किया गया है।

 

Dinesh Purwar

Editor, Pramodan News

Dinesh Purwar

Editor, Pramodan News

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button