राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

चिराग पासवान का कांग्रेस से सवाल, चुनाव के बीच अडाणी-अंबानी का जिक्र करना क्यो छोड़ दिया?

पटना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद अब लोजपा (रामविलास) प्रमुख चिराग पासवान ने भी अडाणी-अंबानी का जिक्र कर कांग्रेस पर हमला बोला है। चिराग ने सवालिया लहजे में कहा है कि जिस अडाणी-अंबानी का नाम लेकर विपक्ष रोज हमें घेरता था, आखिर ऐसा क्या हुआ कि चुनाव के बीच में विपक्ष अडाणी-अंबानी का नाम लेना ही भूल गया? गुरुवार को पत्रकारों के साथ बातचीत के दौरान चिराग पासवान ने सवाल किया कि क्या चुनाव के वक्त विपक्ष का ध्यान रखा जाने लगा कि वो अब अडानी-अंबानी का नाम भूल गये हैं? भई कुछ तो कारण होगा न? उन्होंने आगे कहा कि पिछले साल भर से लगातार, संसद से लेकर हर मंच तक कांग्रेस और उनके सहयोगी दल इन नामों का इस्तेमाल करते थे, लेकिन आज इन्होंने एकदम इस नाम को लेना छोड़ दिया है।

उन्होंने कहा कि चुनाव के वक्त भई समझा जाता है कि कई लोगों की ओर से कई लोगों की मदद की जाती है तो क्या ऐसी मदद एक कारण है कि अब आपकी जुबान इन पर बंद हो गयी है। बहरहाल कारण जो भी हो इससे ये बात तो स्पष्ट हो गई न कि भइया जो आरोप आप हमलोगों पर लगाया करते थे वो आरोप भी बेबुनियाद थे, क्योंकि अब चुनाव में तो आपने उन विषयों को उठाया नहीं है।
 
क्या कहा था पीए मोदी ने?
बता दें कि बुधवार तेलंगाना के करीमनगर में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि कांग्रेस के शहजादे (राहुल गांधी की ओर इशारा करते हुए) पिछले पांच साल से सुबह उठते ही माला जपते थे। पांच उद्योगपति… फिर धीरे-धीरे कहने लगे… अंबानी-अडाणी। लेकिन जब से चुनाव घोषित हुआ है इन्होंने अंबानी-अडाणी को गाली देना बंद कर दिया। उन्होंने कहा कि जरा ये शहजादे घोषित करें कि इस चुनाव में अंबानी-अडाणी से कितना माल उठाया है? काले धन के कितने बोरे भर के रुपये मारे हैं? क्या टेम्पो भर के नोट कांग्रेस के लिए पहुंचे हैं? क्या सौदा हुआ है कि आपने रातों-रात अंबानी, अडाणी को गाली देना बंद कर दिया? जरूर दाल में कुछ काला है। पांच साल तक अंबानी-अडाणी को गाली दी और रातों रात गालियां बंद हो गईं! मतलब कोई न कोई चोरी का माल टेम्पो भर-भर के आपने पाया है। ये जवाब देना पड़ेगा देश को।

 

Dinesh Purwar

Editor, Pramodan News

Dinesh Purwar

Editor, Pramodan News

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button