राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

एलन मश्क के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X ने 30 दिन के अंदर 1 लाख 80 हजार से ज्यादा भारतीय अकाउंट्स को बैन कर दिया

न्यूयार्क  
एलन मश्क के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले Twitter) ने 30 दिन के अंदर 1 लाख 80 हजार से ज्यादा भारतीय अकाउंट्स को बैन कर दिया है। अगर आप भी एक्स का इस्तेमाल करते हैं तो जरा संभल के करिएगा क्योंकि एक गलती आपका अकाउंट भी बैन करवा सकती है। एक्स का दावा है कि उसने 26 मार्च से 25 अप्रैल के बीच भारत में 1,84,241 अकाउंट्स पर बैन लगाया है। दरअसल यह अकाउंट कंपनी का पॉलिसी का उल्लंघन करते हुए बाल यौन शोषण और नॉन कंसेंसुअल न्यूडिटी (किसी की सहमति के बिना उसकी अंतरंग तस्वीरें या वीडियो को पोस्ट या शेयर करना) को बढ़ावा दे रहे थे।

मंथली रिपोर्ट में एक्स ने दी जानकारी
एक्स ने यह भी बताया कि, माइक्रो-ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ने इसी अवधि के दौरान देश में आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए 1,303 अकाउंट्स को भी हटाया। कुल मिलाकर, एक्स (पूर्व में ट्विटर) ने इस अवधि में 1,85,544 अकाउंट्स पर बैन लगाया है। यह जानकारी कंपनी ने अपनी मंथली रिपोर्ट में दी है। माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ने नए आईटी नियम, 2021 के तहत जारी की गई अपनी मंथली रिपोर्ट में कहा कि उसे अपने ग्रीवेंस रिड्रेसल मैकेनिज्म के माध्यम से इस अवधि के बीच भारत में यूजर्स से 18,562 शिकायतें प्राप्त हुईं। इसके अलावा, कंपनी ने 118 शिकायतों पर कार्रवाई की जो अकाउंट सस्पेंशन के खिलाफ अपील कर रही थीं।

कुछ अकाउंट्स का निलंबन बहाल
कंपनी ने कहा, "स्थिति की बारीकियों की समीक्षा करने के बाद हमने इनमें से 4 अकाउंट्स के निलंबन को पलट दिया। बाकी रिपोर्ट किए गए अकाउंट बैन रहेंगे।" इसमें कहा गया है, "हमें इस रिपोर्टिंग अवधि के दौरान अकाउंट्स के बारे में सामान्य प्रश्नों से संबंधित 105 रिक्वेस्ट प्राप्त हुए।" भारत से अधिकांश शिकायतें, बैन उल्लंघन (7,555), इसके बाद हेटफुल कंडक्ट (3,353), सेंसिटिव एडल्ट कंटेंट (3,335), और दुर्व्यवहार/उत्पीड़न (2,402) के बारे में थीं। 26 फरवरी से 25 मार्च के बीच एक्स ने देश में 2,12,627 अकाउंट पर बैन लगा दिया। माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ने अपने प्लेटफॉर्म पर आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए इसी अवधि में 1,235 अकाउंट्स को भी हटा दिया था। हाल ही में, एलन मस्क ने घोषणा की कि यूजर्स अब स्पैम और बॉट से बचने के लिए रिप्लाई को केवल वेरिफाइड यूजर्स तक ही सीमित कर सकते हैं।

Dinesh Purwar

Editor, Pramodan News

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