राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

LPG 5KG सिलेंडर की कीमतों में 261 रुपये की बढ़ोतरी, प्रवासी मजदूरों पर महंगाई का बड़ा असर

नई दिल्ली

कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में 993 रुपये की भारी बढ़ोतरी के बाद एक बुरी खबर 5 किलो वाले सिलेंडर के लिए है। एएनआई के अनुसार 5 किलोग्राम फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडर की कीमतों में भी आज से 261 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी की गई है। कमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ने का सीधा असर रेस्टोरेंट, होटल, बेकरी और अन्य छोटे-बड़े बिजनेस पर पड़ेगा। वहीं, घरेलू LPG सिलेंडर (14.2 किग्रा) के दामों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे करीब 33 करोड़ परिवारों को राहत मिली है।

नए रेट के अनुसार दिल्ली में 19 किग्रा का कॉमर्शियल सिलेंडर 993 रुपए महंगा होकर इसकी कीमत ₹3,071.50 हो गई है। 5 किलो का FTL (फ्री ट्रेड LPG) सिलेंडर 261 रुपए की बढ़ोतरी के साथ 1754.5 रुपये का हो गया है। यह कीमत तुरंत प्रभाव से लागू हो गई है।
एएनआई के अनुसार 5 किलोग्राम फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडर की कीमतों में भी आज से 261 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी की गई है।

रेट में बदलाव विशेष रूप से बिजनेस और थोक LPG कैटेगरी के लिए है, जो देश की कुल LPG खपत का एक छोटा सा हिस्सा हैं। सरकार ने महंगाई से बचाने के लिए घरेलू सिलेंडर पर सब्सिडी जारी रखी है, जबकि कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार के उतार-चढ़ाव पर निर्भर करती हैं।

रसोई गैस के दाम में नहीं कोई बदलाव 
वहीं रसोई गैस की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है. तेल कंपनियों ने 33 करोड़ यूजर्स को राहत देते हुए इसके दाम में कोई बदलाव नहीं किया है. आखिरी बार रसोई गैस के दाम में इसी साल 7 मार्च को इजाफा हुआ था. अभी दिल्‍ली में रसोई गैस की कीमत 913 रुपये, मुंबई में 912.50 रुपये, चेन्‍नई में 928.50 रुपये और कोलकाता में एक सिलेंडर की कीमत 939 रुपये है। 

क्‍यों बढ़े गैस के दाम? 
मिडिल ईस्‍ट में जंग के कारण तेल-गैस की सप्‍लाई बाधित हुई है. साथ ही अमेरिका ने स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज की नाकाबंदी भी कर रखी है, जिस कारण सऊदी, कतर और यूएई से होने वाली गैस की सप्‍लाई कम हो गई है. हालांकि, भारत अफ्रीका देशों, अमेरिका और अन्‍य जगहों से तेल-गैस का आयात कर रहा है, लेकिन लागत बढ़ गई है. इस लागत बढ़ने का असर, रिटेल प्राइस पर अब दिखने लगा है. इस कारण कमर्शियल गैस के दाम में इतनी बढ़ी बढ़ोतरी देखी जा रही है। 

कीमतें क्यों बढ़ीं?
इस बढ़ोतरी के पीछे मुख्य कारण कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव हैं। गुरुवार को ब्रेंट क्रूड 126 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया था, हालांकि शुक्रवार को यह गिरकर 113 डॉलर पर आ गया। भारत अपनी LPG जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम अंतरराष्ट्रीय भाव और डॉलर-रुपए की विनिमय दर के अनुसार हर महीने बदलते हैं।

रेस्टोरेंट-होटल पर पड़ेगा सीधा असर
19 किग्रा वाले कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमत में इतनी भारी वृद्धि से खान-पान के कारोबार पर काफी दबाव बढ़ेगा। आमतौर पर कारोबारी इस अतिरिक्त लागत का कुछ हिस्सा ग्राहकों पर डाल देते हैं, जिससे अगले कुछ हफ्तों में बाहर खाने के दाम बढ़ सकते हैं। वहीं, छोटी दुकानो या बहुत कम बिजनेस यूज के लिए 5 किलो FTL सिलेंडर पर कोई सब्सिडी नहीं है।

सरकार का घरेलू उपभोक्ताओं पर फोकस
हाल के महीनों में सरकार ने घरेलू LPG की कीमतें स्थिर रखी हैं, ताकि आम परिवारों को महंगाई से राहत मिल सके। इस महीने कुल पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स में से लगभग 80% (जिसमें घरेलू LPG भी शामिल है) के दाम नहीं बढ़े हैं। 16% प्रोडक्ट्स (मुख्यतः औद्योगिक और व्यावसायिक) के दाम बढ़े हैं। जबकि, 4% उत्पादों के दाम घटे हैं।

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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