राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

निपुण 2.0 की तैयारी तेज, योगी सरकार कक्षा 5 तक मजबूत करेगी सीखने की बुनियाद

लखनऊ

 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार बुनियादी शिक्षा सुधार के अगले चरण की तैयारी में जुट गई है। निपुण भारत मिशन के माध्यम से कक्षा 1 से 3 तक आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (एफएलएन) को मजबूत करने के बाद अब सरकार इसकी पहुंच कक्षा 5 तक बढ़ाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। इसके लिए हिंदी, अंग्रेजी, गणित और पर्यावरण अध्ययन (ईवीएस) विषयों के लिए नए अधिगम लक्ष्य और दक्षताएं निर्धारित की जा रही हैं। निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार इन दक्षताओं और लक्ष्यों को 20 जून तक अंतिम रूप देकर अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया जाएगा।

हाल ही में यह कार्य-योजना अपर मुख्य सचिव, बेसिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में प्रस्तुत की गई। बैठक में निपुण भारत मिशन के विस्तार, कक्षा 3 से 5 तक अधिगम लक्ष्यों के निर्धारण, शिक्षक परामर्श प्रक्रिया तथा क्रियान्वयन रणनीति की प्रगति की समीक्षा की गई। इसी के आधार पर मिशन के अगले चरण की रूपरेखा को आगे बढ़ाया जा रहा है।

बच्चों की सीखने की मजबूत बुनियाद ही भविष्य की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का आधार बनती है। माना जा रहा है कि इसी सोच के अनुरूप योगी सरकार द्वारा निपुण भारत मिशन के विस्तार की कार्ययोजना तैयार की जा रही है, जिससे कक्षा 3, 4 और 5 के विद्यार्थियों के सीखने के परिणामों में निरंतर सुधार सुनिश्चित किया जा सके। 

बुनियादी शिक्षा सुधार का नया अध्याय

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में निपुण भारत मिशन शिक्षा सुधार का मजबूत आधार बन चुका है। अब निपुण 2.0 के माध्यम से सरकार आधारभूत शिक्षा सुधार को अगले स्तर पर ले जाने की तैयारी कर रही है। कक्षा 3 से 5 तक मिशन के विस्तार से बच्चों की सीखने की निरंतरता मजबूत होगी, विषयगत समझ बेहतर होगी और विद्यालयों में अधिगम परिणामों को नई गति मिलेगी। 

राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार हो रहा नया शैक्षणिक ढांचा

निपुण विस्तार कार्यक्रम के अन्तर्गत राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (एनसीएफ), परख और एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों के आधार पर दक्षताओं का मानचित्रण पूरा कर लिया गया है। इसके आधार पर विषयवार और कक्षावार अधिगम अपेक्षाओं को निर्धारित किया जा रहा है, जिससे शिक्षण प्रक्रिया को अधिक परिणामोन्मुखी बनाया जा सके। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विद्यार्थियों की सीखने की प्रगति को स्पष्ट रूप से मापा जा सके और शिक्षण प्रक्रिया को उसी के अनुरूप संचालित किया जाए।

हिंदी और गणित के लिए तैयार हुए प्रारूप लक्ष्य

कार्ययोजना के अंतर्गत हिंदी और गणित विषयों के लिए प्रारूप अधिगम लक्ष्य तैयार कर लिए गए हैं। आगामी चरण में अंग्रेजी और ईवीएस विषयों के लिए भी लक्ष्यों को अंतिम रूप दिया जाएगा। इन लक्ष्यों के माध्यम से विद्यार्थियों की कक्षावार सीखने की उपलब्धियों को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया जाएगा, जिससे शिक्षकों को शैक्षणिक योजना निर्माण और अधिगम मूल्यांकन में सहायता मिलेगी।

शिक्षकों की सहभागिता से होगा सत्यापन और परिष्करण

निपुण 2.0 की रूपरेखा को व्यावहारिक और विद्यालयों की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने के लिए शिक्षकों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है। इस दिशा में 12 शिक्षकों के साथ वर्चुअल परामर्श आयोजित किया जा चुका है। साथ ही कम से कम 10 शिक्षकों की सहभागिता के साथ परामर्श कार्यशाला आयोजित कर प्रस्तावित दक्षताओं और अधिगम लक्ष्यों का सत्यापन एवं परिष्करण किया जाएगा। इसके लिए व्यापक हितधारक परामर्श प्रक्रिया भी संचालित की जा रही है, ताकि अंतिम रूप से तैयार ढांचा विद्यालयों की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप हो।

निपुण संकल्प कार्यशाला से मिलेगा क्रियान्वयन को आधार

कक्षा 3 से 5 के लिए दक्षताओं और अधिगम लक्ष्यों को अंतिम रूप दिए जाने के बाद निपुण संकल्प कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इस कार्यशाला के माध्यम से जिला एवं ब्लॉक स्तर के शैक्षणिक नेतृत्व, शिक्षकों और अकादमिक टीमों को नए ढांचे से जोड़ा जाएगा तथा इसके प्रभावी क्रियान्वयन की रणनीति तैयार की जाएगी।

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button