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AIIMS भोपाल-DRDO की बड़ी साझेदारी, ऊंची चोटियों पर तैनात जवानों की फिटनेस होगी और मजबूत

भोपाल
 हिमालय की ऊंची चोटियों और ग्लेशियरों पर तैनात सैनिकों के लिए भौगोलिक और मौसम की परिस्थितियां दुश्मन से अधिक खतरनाक होती हैं। कम ऑक्सीजन, अत्यधिक ठंड और तनाव की वजह से इन क्षेत्रों में सैनिकों की शारीरिक और मानसिक स्थिति बुरी तरह प्रभावित होती है। एम्स भोपाल अब ऐसी परिस्थितियों में तैनात सैनिकों को शारीरिक और मानसिक तौर पर फिट रखने में मदद करेगा।

एम्स भोपाल के निदेशक डा. माधवानंद ने बताया कि एम्स भोपाल की क्लीनिकल विशेषज्ञता और डीआरडीओ की तकनीकी दक्षता मिलकर ऐसे नवाचार लाएगी जो न सिर्फ जवानों की जान बचाएंगे, बल्कि उनकी कार्यक्षमता को भी कई गुना बढ़ाएंगे।

इसके लिए भोपाल एम्स ने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की प्रमुख प्रयोगशाला डिफेंस इंस्टीट्यूट आफ फिजियोलाजी एंड एलाइड साइंसेज (डीआइपीएएस) के साथ समझौता किया है।

दोनों मिलकर ऐसी मशीनें बनाएंगे और तकनीक विकसित करेंगे जो सैनिकों को इन कठिन परिस्थितियों में भी फिट और युद्ध के लिए तैयार रखेंगी।

एम्स भोपाल में मस्तिष्क, हृदय, फेफड़े और शारीरिक-मानसिक फिटनेस की जांच के लिए अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं पहले से मौजूद हैं।

डीआरडीओ के विशेषज्ञों ने कुछ महीने पहले इनका अवलोकन किया था। इन्हें परियोजना की जरूरतों के अनुरूप पाने के बाद वहां से एम्स के साथ सहयोग का प्रस्ताव आया था।

 

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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