
भिलाई- श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में आयोजित पांच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के तीसरे दिन उच्च शिक्षा एवं शिक्षण की गुणवत्ता से जुड़े दो महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य विश्वविद्यालय के शिक्षकों को शोध, अकादमिक लेखन तथा आधुनिक तकनीकी उपकरणों के प्रभावी उपयोग के लिए नवीनतम जानकारी एवं व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान करना रहा।
प्रथम सत्र में “रिसर्च मेथोडोलॉजी और अकादमिक लेखन विषय पर पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर के राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित प्रोफेसर डॉ. राजीव चौधरी ने व्याख्यान दिया। उन्होंने शोध की वैज्ञानिक प्रक्रिया, शोध विषय के चयन, शोध समस्या के निर्धारण, शोध पद्धति, आंकड़ों के विश्लेषण तथा गुणवत्तापूर्ण अकादमिक लेखन के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शोध के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मौलिकता, प्रमाणिकता और अकादमिक नैतिकता अत्यंत आवश्यक हैं।
द्वितीय सत्र में “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और तकनीकी का शिक्षण में उपयोग” विषय पर एनआईटी रायपुर के प्रोफेसर डॉ. नरेश नागवानी ने शिक्षकों को संबोधित किया। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं आईसीटी टूल्स की बढ़ती भूमिका, डिजिटल संसाधनों के प्रभावी उपयोग तथा तकनीक के माध्यम से शिक्षण अधिगम प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, रोचक एवं विद्यार्थी केंद्रित बनाने के तरीकों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षकों के लिए नई तकनीकों से परिचित होना तथा उनका जिम्मेदारीपूर्ण एवं रचनात्मक उपयोग करना आवश्यक है।
कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. सोनू अग्रवाल ने बताया कि फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के माध्यम से शिक्षकों को उच्च शिक्षा में हो रहे नवीन परिवर्तनों, शोध उत्कृष्टता और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।कार्यक्रम का संचालन डॉ आदर्श मिश्रा ने किया। आयोजन में आकांक्षा शर्मा, पूजा ठाकुर एवं धीरेंद्र पराते का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के डॉ संदीप श्रीवास्तव, डॉ साकेत जैसवानी, डॉ प्राची नीमजे, डॉ संजू सिंह सहित शिक्षकगण एवं शोध छात्र बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।




