RO.NO.12784/141
राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

सीएम योगी ने दिल्ली जाने से पहले बुलाई अफसरों की मीटिंग, दिए निर्देश

उत्तर प्रदेश

लोकसभा चुनाव खत्म होते ही एक बार फिर सीएम योगी एक्शन फॉम में नजर आए। सीएम योगी ने तुरंत प्रदेश के सभी वरिष्ठ अधिकारियों को मीटिंग के लिए बुला लिया। सीएम योगी ने अपर मुख्य सचिव व प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारियों के साथ बैठक कर लोकहित से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की। यूपी सरकार के एक प्रवक्ता ने यहां बताया कि इस उच्च स्तरीय बैठक में अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति और भावी कार्ययोजनाओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। इस दौरान सीएम योगी विकास कार्यों की जानकारी ली। सीएम योगी ने इस दौरान बरसात से निपटने की व्यवस्थाओं को भी जाना। मीटिंग में सीएम योगी ने बालू, मौरंग, गिट्टी से संबंधित भी अफसरों को जरूरी निर्देश जारी किए।

मुख्यमंत्री ने कहा, अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव अपने विभाग के शीर्ष अधिकारी हैं। विभाग से जुड़ी हर व्यवस्था, हर परियोजना, प्रत्येक प्रकरण के लिए उनकी जवाबदेही है, इसलिए समयबद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना उनकी जिम्मेदारी है। अधिकारी विभागीय मंत्रियों के साथ बेहतर तालमेल बनाये रखें। मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि जिन विभागों में नियुक्ति की जानी हैं, वहां से सम्बन्धित आयोगों को फौरन मांग भेजी जाए तथा चयन प्रक्रिया की समय-सीमा तय की जाए। आदित्यनाथ ने कहा, वित्तीय वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही समाप्त होने वाली है। सभी विभागों द्वारा वर्तमान बजट में तय धनराशि का समुचित खर्च सुनिश्चित किया जाए। जीएसटी संग्रह के प्रयासों को तेज करने की जरूरत है…क्षेत्र में तैनात अधिकारियों को लक्ष्य दें तथा उनके प्रदर्शन को ही उनकी पदोन्नति और तैनाती का आधार बनाया जाना चाहिए।

बरसात से निपटने के लिए तैयार रहें अफसर, मलिन बस्तियों में कराएं साफ-सफाई
मुख्यमंत्री ने भीषण गर्मी के मद्देनजर पूरे प्रदेश में कहीं भी अनावश्यक बिजली कटौती नहीं करने की हिदायत देते हुए कहा कि ट्रांसफार्मर जलने, तार गिरने और ‘ट्रिपिंग’ जैसी समस्याओं का तुरंत निस्तारण किया जाए। मीटिंग में सीएम योगी ने बरसात से निपटने के लिए अफसरों से प्लान बनाने को कहा। साथ ही नालों की सफाई कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मलिन बस्तियों में साफ-सफाई की अत्यधिक आवश्यकता है। नियमित ‘फॉगिंग’ कराने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा, बरसात के मौसम में संचारी रोगों के प्रसार की सर्वाधिक आंशका होती है, इसके मद्देनजर समय से पूरी तैयारी कर लें। चिकित्सकों के साथ-साथ आशा, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों का भी पूरा सहयोग लें। लोगों में जागरूकता बढ़ाने के भी प्रयास हों। आदित्यनाथ ने बालू, मौरंग और गिट्टी जैसे उपखनिजों का कृत्रिम अभाव पैदा करने वाले कालाबाजारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के भी निर्देश दिये। उन्होंने एक जिला-एक मेडिकल कॉलेज अभियान के तहत निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों में निर्माण कार्य की गुणवत्ता और परियोजना की समयबद्धता सुनिश्चित कराने और उसकी साप्ताहिक समीक्षा करने के निर्देश दिये। साथ ही कहा कि प्राचार्यों और अन्य स्टाफ के चयन में केवल योग्यता को ही मानक बनाया जाए।

किसानों का पिछले सत्र के सारे भुगतान कराएं अफसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर स्थिति में यह सुनिश्चित किया जाए कि गन्ना पेराई का नया सत्र प्रारंभ होने से पहले पिछले सत्र के सारे बकाए का भुगतान हो जाए। उन्होंने कहा कि गन्ना उन्हीं मिलों को उपलब्ध कराया जाए, जिनका भुगतान रिकॉर्ड अच्छा हो। आदित्यनाथ ने माध्यमिक विद्यालयों के कायाकल्प का अभियान तेज करने को भी कहा। उन्होंने अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक गलियारे का जिक्र करते हुए कहा कि इस परियोजना के लिए भूमि की कमी नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालय, महाविद्यालय, इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक, आईटीआई समेत सभी शैक्षिक संस्थानों में शैक्षिक कैलेंडर इस प्रकार तैयार किए जाएं जिससे सभी आवश्यक परीक्षाएं 10 मई तक सम्पन्न हो जाएं। उन्होंने भीषण गर्मी में परीक्षाओं के आयोजन से परहेज करने को कहा।

 

Dinesh Purwar

Editor, Pramodan News

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button