राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

MP: इंदौर-बुधनी नई रेल लाइन के लिए 277 पेड़ कटेंगे, प्रशासन ने मंजूरी दी शर्तों के साथ

इंदौर
 इंदौर-बुधनी नई रेलवे लाइन परियोजना को लेकर जमीन अधिग्रहण किया जाना है। इसे लेकर जिला प्रशासन ने तेजी से प्रक्रिया करने में लगा है। प्रोजेक्ट के अंतर्गत डकाच्या और सांवेर में आने वाले गांव से रेलवे लाइन गुजरना है। निर्माण के दौरान बाधक पेड़ों को चिन्हित कर लिया है।

35 प्रजातियों के 277 पेड़ों को काटा जाएगा। जिला प्रशासन की तरफ से सशर्त पेड़ों की कटाई को लेकर निर्देश दिए है। यह अनुमति रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) भोपाल के मुख्य परियोजना प्रबंधक के आवेदन पर दी गई है।

रेल लाइन प्रोजेक्ट में वन विभाग की कोई जमीन नहीं आ रही है, बल्कि पटरियां राजस्व भूमि में बिछाई जाना है। बावजूद इसके जिला प्रशासन ने इंदौर वनमंडल के दायरे में आने वाले गांवों में पेड़ काटने के लिए वन विभाग को दिए है।

डाकच्या, लसूडिया परमार, मेलकलमा, डकाच्या, कदवाली बुजुर्ग, कदवाली खेर्द, बीसाखेडी सहित अन्य गावों में लाइन निकलेगी। यहां 35 प्रजातियों के 277 से अधिक पेड़ है। मार्च 2025 में जमीन अधिग्रहण के लिए जिला प्रशासन को पत्र दिया गया।

अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सांवेर ने पहले वन विभाग से राय मांगी गई थी, लेकिन समय-सीमा में कोई जवाब नहीं मिलने के कारण इसे मौन स्वीकृति माना गया। इसके बाद नायब तहसीलदार के माध्यम से प्रकरण आगे बढ़ाया गया और सभी पहलुओं पर विचार के बाद अनुमति प्रदान की गई।

वनमंडलाधिकारी प्रदीप मिश्रा का कहना है कि पूरे प्रोजेक्ट में वन विभाग की कोई भूमि नहीं है। सिर्फ पेड़ों को काटने के लिए विभाग को निगरानी की जिम्मेदारी दी।
इन शर्तों पर दी अनुमति

प्रशासन ने पेड़ों की कटाई को लेकर कड़ी शर्तें लगाई हैं ताकि पर्यावरण को कम से कम नुकसान हो सके। इसके लिए वन विभाग को निगरानी करने की जिम्मेदारी दी है। पेड़ काटते समय वन विभाग के अधिकारी मौके पर मौजूद रहेंगे और केवल चिन्हित पेड़ ही काटे जाएंगे।
पहले ट्रांसप्लांट की कोशिश

पेड़ों को काटने से पहले उन्हें दूसरी जगह स्थानांतरित (ट्रांसप्लांट) करने का प्रयास किया जाएगा। असफल होने पर ही कटाई होगी। इस बारे में वन विभाग को निगरानी करना है।
उचित मूल्यांकन और नीलामी

पेड़ों का मूल्यांकन संबंधित विभाग से कराया जाएगा और तय मूल्य से कम पर नीलामी नहीं होगी। कटाई का खर्च अलग से जोड़ा जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक जितने पेड़ काटे जाएंगे। उनसे तीन गुना अधिक नए पेड़ रेलवे मार्ग के दोनों ओर लगाए जाएंगे।

वहीं लगाए जाने वाले पेड़ कम से कम 3 साल पुराने होंगे। उन्हें ट्री गार्ड या वायर फेंसिंग से सुरक्षित किया जाएगा और 5 साल तक उनकी देखभाल की जाएगी। बकायादा हर साल वीडियोग्राफी कर रिपोर्ट वन समिति और एसडीएम कार्यालय को दी जाएगी।
अन्य पेड़ों की कटाई पर रोक

बबूल, नारियल, खजूर, आम, जाम, नीम, इमली सहित 35 प्रजातियों के पेड़ों को चिन्हित किया है। इनकी सूची बनाई गई है। इन पेड़ों के अलावा कोई भी अन्य पेड़ नहीं काटा जाएगा। जबकि निजी जमीन के पेड़ों और सागौन (टीक) के पेड़ों की कटाई पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।

वहीं यदि भूमि या पेड़ों से जुड़ा कोई मामला कोर्ट में लंबित है, तो न्यायालय का आदेश सर्वोपरि होगा। जबकि किसी भी शर्त का उल्लंघन होने पर यह अनुमति अपने आप रद्द मानी जाएगी।
यह होगा फायदा

इंदौर-बुधनी नई रेलवे लाइन से इंदौर और भोपाल के बीच रेल संपर्क मजबूत होगा। यहां तक कि यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी।माल परिवहन आसान होगा। क्षेत्रीय विकास और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button