राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

भारत को अमेरिकी टैरिफ से बड़ी राहत: अब 55% एक्सपोर्ट पर केवल 10% अतिरिक्त ड्यूटी

नईदिल्ली 
भारत को अमेरिका से एक बड़ी राहत मिल गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के एक्सपोर्ट पर पहले 55 फीसदी का टैरिफ लगाया था, लेकिन अब वो घटकर 10 फीसदी रह गया है। असल में अमेरिका ने नया कानूनी प्रावधान लागू कर दिया है जिसके तहत भारत 12.5 फीसदी के टैरिफ ढांचे से निकलर 10 फीसदी के टैरिफ ढांचे में आ गया है। कई दूसरे देशों पर तो अमेरिका ने कई अधिक टैरिफ लगाया है, ऐसे में जानकार इसे भारत के लिए राहत के तौर पर देख रहे हैं।

जानकारी के लिए बता दें कि अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) ने ट्रेड एक्ट 1974 की धारा 301 के तहत दुनिया की कई अर्थव्यवस्थाओं की समीक्षा की थी। उसका तर्क था कि जबरन श्रम को रोकने के लिए कई देशों से आने वाले सामनों पर आयात शुक्ल लगाना जरूरी था। इसी कड़ी में चीन पर 12.5% टैरिफ लगाया गया है। 36 अन्य देशों पर भी इतना ही टैरिफ लगा दिया गया है। 

जानकार मानते हैं कि भारत पर दूसरे देशों की तुलना में टैरिफ कुछ कम जरूर लगा है, लेकिन इसका भी व्यापक असर भारत की कई इंडस्ट्री पर पड़ने वाला है। सबसे ज्यादा असर भारत के कपड़ा उद्योग पर आ सकता है।

भारत कैसे बाल बाल बचा?
भारत के अलावा USTR ने 16 अन्य अर्थव्यवस्थाओं को 10% वाले ब्रैकेट में रखा है इनमें पाकिस्तान, श्रीलंका और खास तौर पर बांग्लादेश शामिल हैं। बांग्लादेश टेक्सटाइल और गारमेंट्स के मामले में भारत का सीधा प्रतियोगी है जो अमेरिका को भारत के सबसे बड़े एक्सपोर्ट कैटेगरी में से एक है।

शुरुआत में भारत पर था 12.5 प्रतिशत वाले ब्रैकेट में जाने का खतरा था। जून 2026 में आई रिपोर्ट के मसौदे में भारत को भी उन देशों में शामिल किया गया था जिन पर 12.5% का कड़ा टैरिफ लगना तय था।

लेकिन भारत सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जून 2026 में अपनी विदेश व्यापार नीति में बड़ा संशोधन किया और जबरन श्रम से बने उत्पादों के आयात पर देश में पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया। भारत के इस नीतिगत सुधार को देखते हुए अमेरिका ने भारत का टैरिफ घटाकर 10% कर दिया।

भारतीय निर्यातकों और व्यापार पर इसका क्या असर होगा?
चूंकि अमेरिका की तरफ से सभी देशों पर पहले से लगाया गया 10% का अस्थाई वैश्विक टैक्स 24 जुलाई 2026 को समाप्त हो गया है इसलिए उसके स्थान पर आए इस नए 10% के स्थायी टैक्स के कारण भारतीय निर्यातकों पर तुरंत कोई नया अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं बढ़ेगा।

10% के इस सुरक्षित स्लैब में आने के कारण भारत अब अपने प्रमुख कपड़ा और गारमेंट प्रतिस्पर्धी देशों जैसे बांग्लादेश, पाकिस्तान, श्रीलंका और इंडोनेशिया के बिल्कुल बराबर खड़ा है क्योंकि इन देशों पर भी 10% ही टैक्स लगा है। लेकिन चूंकी भारत का सप्लाई चेन इन देशों के मुकाबले काफी ज्यादा मजबूत है जिसका फायदा मिलेगा।

भारत से अमेरिका होने वाले कुल निर्यात का लगभग 70% हिस्सा जैसे इंजीनियरिंग सामान, टेक्सटाइल, गारमेंट्स, केमिकल्स, लेदर उत्पाद और रत्न एवं आभूषण इस 10% अतिरिक्त शुल्क के दायरे में आएगा। रत्न और आभूषण जैसे उच्च मार्जिन वाले क्षेत्रों के लिए यह शुल्क फिर भी एक चुनौती बना रहेगा।

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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