छत्तीसगढ़दुर्ग-भिलाई

दवाइयों के सही इस्तेमाल की अपील, फार्मेसी विद्यार्थियों ने जनजागरूकता अभियान चलाया

भिलाई-श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के, श्री शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल साइंसेज एंड रिसर्च, में विश्व फार्मासिस्ट दिवस के अवसर पर एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से 25 से 28 सितंबर 2026 तक चार दिवसीय जागरूकता एवं रचनात्मक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने पोस्टर प्रेजेंटेशन, लीफलेट मेकिंग, स्किटून्स रील मेकिंग, क्विज प्रतियोगिता एवं नुक्कड़ नाटक सहित विभिन्न गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने एंटीबायोटिक दवाओं के तर्कसंगत उपयोग, एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस की रोकथाम तथा दवाओं के अनावश्यक एवं अनुचित उपयोग से होने वाली समस्याओं के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।

कार्यक्रम के संयोजक डॉ. हेमंत बडवाईक ने बताया कि एंटीबायोटिक दवाओं का उपयोग सही आवश्यकता, उचित चिकित्सकीय परामर्श और तर्कसंगत तरीके से किया जाना चाहिए। विद्यार्थियों एवं भावी फार्मासिस्टों की भूमिका केवल दवा उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे समाज को दवाओं के सुरक्षित एवं विवेकपूर्ण उपयोग के प्रति जागरूक करने में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा इस गंभीर विषय को पोस्टर, रील, क्विज एवं नुक्कड़ नाटक जैसे रचनात्मक माध्यमों से प्रस्तुत करने की सराहना की तथा “स्वस्थ भारत : एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस से मुकाबला” के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर दिया।

कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित नुक्कड़ नाटक विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से एंटीबायोटिक के अनुचित उपयोग, जागरूकता की आवश्यकता के संदेश को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। नुक्कड़ नाटक के अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. स्मिता सेलेट, कुलसचिव डॉ. वैभव तिवारी, डॉ. स्वर्णाली दास पॉल, डॉ आलोक सिंह ठाकुर, डॉ तुर्कने, डॉ. गोविंद शर्मा, डॉ. देवेंद्र साहू, डॉ. गुंजन जेसवानी, डॉ. राजेश चौधरी, सहित विश्वविद्यालय एवं संस्थान के अन्य शिक्षकगण उपस्थित थे।

Dinesh Purwar

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