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मंदसौर में नकली दूध की फैक्ट्री का खुलासा, केमिकल-पाम ऑयल से बन रहा था दूध; 2 हजार लीटर का टैंक मिला

मंदसौर

मंदसौर जिले के शामगढ़ में एक घर के अंदर केमिकल, पाम ऑयल का इस्तेमाल कर नकली दूध बनाया जा रहा था। इसका भंडाफोड़ बुधवार शाम को पुलिस छापे के बाद हुआ है।

हालांकि, पुलिस पहुंचने से पहले ही संचालक भाई कृष्णपाल सिंह और शिवपाल सिंह फरार हो गए। पुलिस को मौके से 6 कट्टे मिल्क पाउडर, 40 लीटर केमिकल और 40 लीटर तैयार दूध मिला है। इसके अलावा पाम ऑयल के 5 डिब्बे, 2 हजार लीटर क्षमता का दूध टैंक, तौल कांटा, फ्रिज, मोटर और दूध बनाने में इस्तेमाल होने वाला प्लांट भी मिला। पुलिस ने सभी सामान जब्त कर लिया है।

खाद्य विभाग के अधिकारियों ने भी दूध के सैंपल लिए हैं। जांच के बाद ही दूध की क्वालिटी और उसमें मिलावट की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

मंदसौर जिले के शामगढ़ थाना अंतर्गत डूंगरखेड़ी गांव में पुलिस ने दबिश देकर नकली दूध बनाने वाली फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। गांव की नई आबादी में कृष्णपाल और शिवपाल के मकान पर यह अवैध कारोबार संचालित हो रहा था।

पुलिस की टीम जब मौके पर पहुंची तो आरोपी दोनों भाई फरार हो चुके थे। पुलिस ने स्थल से पारस कंपनी के 6 कट्टे दूध पाउडर, 40 लीटर केमिकल, 40 लीटर तैयार नकली दूध, पाम ऑयल के 5 डिब्बे, 2 हजार लीटर क्षमता का दूध टैंक, तौल कांटा, फ्रिज और मोटर जब्त की है।

कार्रवाई के दौरान एसडीओपी दिनेश प्रजापति, थाना प्रभारी कपिल सौराष्ट्रीय और चौकी प्रभारी मनोज महाजन मौजूद थे। पुलिस की सूचना पर जिला खाद्य अधिकारी धीरेंद्र सिंह जादौन और नायब तहसीलदार भीम सिंह खराड़ी भी मौके पर पहुंचे तथा खाद्य विभाग की टीम ने नमूनों को प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा।

हैरानी की बात यह है कि डूंगरखेड़ी में 40 दिनों के भीतर यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है। करीब 40 दिन पहले भी खाद्य सुरक्षा विभाग ने शंका के आधार पर यहां से सैंपलिंग की थी, लेकिन उसकी रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक नहीं हो सकी है।

खाद्य विभाग की इस सुस्ती और लेटलतीफी के कारण अंचल में मिलावटखोर बेखौफ होकर दोबारा जहरीला दूध बनाने का प्लांट खड़ा कर रहे हैं। पूरे क्षेत्र में मिलावट के खिलाफ मुख्य रूप से पुलिस ही मोर्चा संभाले हुए है, जबकि जिम्मेदार विभाग मूकदर्शक बना हुआ है। पुलिस और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम फिलहाल फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।

गरोठ और शामगढ़ अंचल में सिंथेटिक दूध का काला कारोबार लगातार फल-फूल रहा है। इससे पहले 8 अप्रैल को कोटड़ाबुजुर्ग गांव में पुलिस ने 1500 लीटर सिंथेटिक दूध व 100 लीटर केमिकल जब्त कर आरोपी पवन गुर्जर को गिरफ्तार किया था।

इसके बाद 12 अप्रैल को चचावदा चौकटिया में 1 हजार लीटर गाढ़ा नकली दूध, मिक्सिंग उपकरण व लैब पकड़ी गई थी, जिसे आरोपी मनीष संचालित कर रहा था। इन मामलों में भी खाद्य विभाग की आगे की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं।

 

40 दिन पहले भी लिए गए थे सैंपल
खाद्य सुरक्षा विभाग ने करीब 40 दिन पहले भी इसी जगह से दूध के सैंपल लिए थे। आरोप है कि उनकी लैब रिपोर्ट अब तक नहीं आई है। ऐसे में उसी स्थान पर दोबारा कार्रवाई होने से खाद्य सुरक्षा विभाग की निगरानी और पिछली जांच की प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं।

पुलिस और खाद्य विभाग ने की संयुक्त कार्रवाई
थाना प्रभारी कपिल सौराष्ट्र के अनुसार, मुखबिर से सूचना मिलने के बाद शामगढ़ पुलिस ने डूंगर खेड़ी की नई आबादी में दबिश दी। मौके पर संदिग्ध सामग्री मिलने के बाद जिला खाद्य अधिकारी धीरेंद्र सिंह जादौन और नायब तहसीलदार भीम सिंह करदी को सूचना दी गई। दोनों अधिकारी मौके पर पहुंचे।

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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