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व्यापार जगत

पेटीएम ई-कॉमर्स का नाम बदलकर पाई प्लेटफॉर्म्स

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नई दिल्ली

 पेटीएम ई-कॉमर्स ने अपना नाम बदलकर पाई प्लेटफॉर्म्स कर लिया है। साथ ही ऑनलाइन खुदरा कारोबार में हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए बिट्सिला का अधिग्रहण किया है। बिट्सिला ओएनडीसी पर एक विक्रेता मंच है।

मामले से वाकिफ सूत्रों ने बताया कि कंपनी ने करीब तीन महीने पहले नाम बदलने के लिए आवेदन किया था। आठ फरवरी को उसे कंपनी रजिस्ट्रार से मंजूरी मिल गई। कंपनी रजिस्ट्रार की आठ फरवरी की अधिसूचना के अनुसार, ‘‘इस प्रमाणपत्र की तारीख से कंपनी का नाम पेटीएम ई-कॉमर्स प्राइवेट लिमिटेड से बदलकर पाई प्लेटफॉर्म्स प्राइवेट लिमिटेड कर दिया गया है…''

एलिवेशन कैपिटल पेटीएम ई-कॉमर्स में सबसे बड़ा शेयरधारक है। इसे पेटीएम के संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विजय शेखर शर्मा, सॉफ्टबैंक और ईबे का भी समर्थन प्राप्त है।

सूत्रों ने बताया कि कंपनी ने अब इनोबिट्स सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड (बिट्सिला) का अधिग्रहण कर लिया है। इसे 2020 में पेश किया गया था। यह 'फुल-स्टैक ओमनीचैनल' और 'हाइपरलोकल कॉमर्स' क्षमता के साथ ओएनडीसी विक्रेता मंच के रूप में काम करता है।

ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ओएनडीसी) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की एक पहल है। इसका मकसद छोटे खुदरा विक्रेताओं को डिजिटल कॉमर्स का फायदा उठाने में मदद करने के वास्ते एक सुविधाजनक मॉडल तैयार करना है। सूत्र ने कहा, ‘‘पाई प्लेटफॉर्म्स ओएनडीसी नेटवर्क पर एक अग्रणी खरीदार मंच है और बिट्सिला अधिग्रहण से इसकी वाणिज्य गतिविधियों को और बढ़ावा मिलेगा।''

 

ओयो को आगामी तिमाहियों में शुद्ध लाभ में लगातार वृद्धि की उम्मीद

नई दिल्ली
 आतिथ्य एवं यात्रा-प्रौद्योगिकी मंच ओयो को वित्त वर्ष 2024 की तीसरी तिमाही में उसका शुद्ध लाभ दोगुना होकर 30 करोड़ रुपये रहने के बाद इसमें लगातार वृद्धि की उम्मीद है।

कंपनी के संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) रितेश अग्रवाल ने शुक्रवार को कर्मचारियों के साथ बातचीत दौरान कंपनी के मुनाफे में दो गुना वृद्धि की जानकारी दी।

ओयो का संचालन करने वाली ओरावेल स्टेज़ लिमिटेड का दूसरी तिमाही में शुद्ध लाभ 16 करोड़ रुपये रहा था।

अग्रवाल ने कर्मचारियों से कहा, ‘‘आगामी तिमाहियों में हम शुद्ध लाभ में लगातार वृद्धि की उम्मीद कर रहे हैं। ग्राहकों के बढ़ते विश्वास, बेहतर ग्राहक अनुभव तथा निरंतर वृद्धि के लिए अनुकूल बाजार स्थितियों के दम पर यह हो पाएगा।''

उन्होंने कर्मचारियों को बताया कि कंपनी की वित्त वर्ष 2023 में कर पूर्व आय 750 करोड़ रुपये थी जो वित्त वर्ष 2024 में बढ़कर 1,000 करोड़ रुपये होने की उम्मीद है।

ओयो के प्रवक्ता से संपर्क करने पर उन्होंने इस संबंध में टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

 

पेट्रोनेट की 2028 तक मुनाफा तीन गुना करने के लिए 40,000 करोड़ रुपये के निवेश की योजना

बेतुल
दुनिया के सबसे बड़े तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) आयात टर्मिनल की संचालक पेट्रोनेट एलएनजी लिमिटेड 2028 तक शुद्ध लाभ को तीन गुना करने के लक्ष्य के साथ आयात क्षमता तथा पेट्रो रसायन के विस्तार में 40,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।

कंपनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) ए. के. सिंह ने यहां भारत ऊर्जा सप्ताह (आईईडब्ल्यू) के मौके पर पत्रकारों से कहा कि पेट्रोनेट प्रोपेन डीहाइड्रोजनेशन संयंत्र में 12,685 करोड़ रुपये का निवेश करके पेट्रो रसासन व्यवसाय में प्रवेश कर रहा है, जो आयातित कच्चेमाल को प्रोपलीन में बदल देगा। साथ ही 2,300 करोड़ रुपये की लागत से ओडिशा के गोपालपुर में एलएनजी आयात सुविधा स्थापित करेगा।

इस सप्ताह कतर से प्रति वर्ष 75 लाख टन एलएनजी आयात करने के समझौते को 20 साल के लिए बढ़ाने वाली कंपनी श्रीलंका के कोलंबो में 'फ्लोटिंग एलएनजी टर्मिनल' जैसी विदेशी परियोजनाओं में भी निवेश करने पर विचार कर रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने 1-5-10-40 की रणनीति बनाई है। विस्तार में 40,000 करोड़ रुपये के निवेश से 10,000 करोड़ रुपये के शुद्ध लाभ के साथ पांच साल में कारोबार को एक लाख करोड़ रुपये तक बढ़ाने का लक्ष्य है।'' यह रणनीति दो साल पहले शुरू हुई और 2027-28 तक की अवधि के लिए है।

 

 

 

Dinesh Purwar

Editor, Pramodan News

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