राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

प्रदेश मार्च से फिर बदलेगा मौसम, आज 6 संभागों में बारिश-ओलावृष्टि की चेतवानी

भोपाल

अलग-अलग स्थानों पर सक्रिय कई मौसम प्रणालियों के चलते मध्य प्रदेश के मौसम में परिवर्तन आ गया है। पिछले 24 घंटे में कई जिलों में बादल छाए रहे और बारिश हुई। फिलहाल फरवरी अंत तक मौसम के यूही बने रहने का अनुमान है। एमपी मौसम विभाग की मानें तो बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी आने के कारण आज मंगलवार   को नर्मदापुरम, जबलपुर, भोपाल, सागर, रीवा, शहडोल, ग्वालियर, चंबल संभाग के जिलों में बारिश हो सकती है, वही जबलपुर, नर्मदापुरम संभाग के जिलों में कहीं-कहीं ओले भी गिरने की आशंका है।

आज से बिगडेगा मौसम, बारिश-तेज हवा

एमपी मौसम विभाग के मुताबिक, आज नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा और सिवनी जिलों में ओलावृष्टि के साथ-साथ गरज चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है। मंडला बालाघाट जिले में ओलावृष्टि और गरज चमक के साथ वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का यलो अलर्ट जारी किया गया है। जबलपुर, नरसिंहपुर समेत हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, डिंडोरी में कहीं-कहीं वज्रपात होने और तेज हवाएं और अनूपपुर, शहडोल, उमरिया और दमोह जिले में भी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है।

    मध्य प्रदेश मौसम विभाग ने आज  रीवा, जबलपुर, शहडोल, नर्मदापुरम, भोपाल और इंदौर संभाग के कुछ जिलों में बारिश तो मंडला, डिंडोरी, नरसिंहपुर, अनूपपुर, जबलपुर, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, सिवनी और बालाघाट में वज्रपात, बारिश और ओले गिरने चेतावनी जारी की है।

    मंगलवार को भी सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडोरी, उमरिया, कटनी, शहडोल, अनूपपुर, सीधी, सिंगरौली, रीवा और मऊगंज में बारिश होने की संभावना है। यहां 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

    बुधवार को भी इसी तरह की स्थिति बनी रहने का अनुमान है। हालांकि इस दौरान इंदौर, उज्जैन संभाग के जिलों में सिर्फ बादल बने रह सकते हैं। मौसम का इस तरह का मिजाज चार-पांच दिन तक बना रह सकता है। इस दौरान नर्मदापुरम, जबलपुर संभाग के जिलों में कहीं-कहीं ओले भी गिर सकते हैं। इस दौरान रात के तापमान में कुछ बढ़ोतरी होगी लेकिन दिन के तापमान में कमी आएगी।

वर्तमान में सक्रिय है एक साथ कई मौसम प्रणालियां

  •     एक पश्चिमी विक्षोभ हिमालय के आसपास द्रोणिका के रूप में बना हुआ है।
  •     मराठवाड़ा पर हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है।
  •     मराठवाड़ा पर बने चक्रवात से लेकर एक द्रोणिका आंध्र प्रदेश तक बनी हुई है।
  •     बंगाल की खाड़ी में एक प्रति चक्रवात बना है।
  •     राजस्थान के मध्य भागों और आसपास के इलाकों पर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन का क्षेत्र बना हुआ है।
  •     एक अन्य ताजा पश्चिमी विक्षोभ 26 फरवरी से पश्चिमी हिमालय क्षेत्र को प्रभावित करेगा।
  •     इन सभी मौसम प्रणालियों के असर बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी आ रही है, जिसके प्रभाव से 28 फरवरी तक नर्मदापुरम, जबलपुर, भोपाल, सागर, रीवा, शहडोल, ग्वालियर, चंबल संभाग के जिलों में बारिश के साथ कहीं-कहीं ओले गिर सकते हैं।

 

Dinesh Purwar

Editor, Pramodan News

Dinesh Purwar

Editor, Pramodan News

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button