स्वास्थ्य

दृष्टि को सुधारने के लिए योग

भारत सरकार द्वारा 1 अप्रैल से 7 अप्रैल को प्रीवेंशन ऑफ ब्लाइंडनेस वीक घोषित किया है. आंख शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है. इसकी मदद से ही व्यक्ति अपनी आसपास की चीजों को देख पाता है और उसका बेहतर अनुभव कर पाता है. लेकिन इसके देखभाल की और आमतौर पर ध्यान नहीं दिया जाता है. क्योंकि यह बहुत नाजुक होते हैं, ऐसे में छोटी सी भी गलती कई बार अंधापन जैसे गंभीर परिणाम का कारण बन जाती है.

दिलचस्प बात यह है कि ऐसी गलती आप रोज दोहरा रहे हैं. दिन भर मोबाइल-लैपटॉप के सामने बैठे रहना सबसे आम गलती है. ऐसे में यदि आप आंखों में थकान, तनाव, ड्राइनेस, दर्द, धुंधलेपन का अनुभव कर रहे हैं तो यह लेख आपके लिए है. यहां आप ऐसे 5 योगासन के बारे में जान सकते हैं जो आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए जाने जाते हैं. 

हस्त मुद्रा

ये योगासन करने से आंखों की थकावट दूर होती है और आराम मिलता है. इसे करने के लिए रीढ़ की हड्डी को सीधा करके दिमाग को शांत करने के लिए गहरी सांस लेते हुए, अपनी आंखें बंद करके चुपचाप बैठ जाएं. अब अपनी हथेलियों को तब तक जोर से एक साथ रगड़ें जब तक कि वह गर्म ना लगने लगे.  फिर धीरे-धीरे उन्हें अपनी बंद आंखों के ऊपर रख दें. कुछ देर तक इसी स्थिति में रहें. इस प्रक्रिया को कम से कम तीन बार दोहराएं.

सर्वांगासन

पलक झपकाने वाले व्यायाम को अपनी दिनचर्या में शामिल करें, और देखें कि यह कैसे आंखों के तनाव से निपटने और नजर को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकता है. बस अपनी आंखें खोलकर आराम से बैठें और दस बार तेजी से पलकें झपकायें. इसके बाद अपनी आंखें बंद करें और अपनी सांस पर ध्यान केंद्रित करते हुए उन्हें बीस सेकंड के लिए आराम करने दें. इस क्रम को पांच बार दोहराएं.

त्राटक

त्राटक एकाग्रता का अभ्यास है जो आंखों की मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद करता है. इसे करने के लिए एक शांत और अंधेरे कमरे में बैठ जाएं. अपने सामने एक छोटी सी मोमबत्ती जलाएं. मोमबत्ती की लौ को कुछ सेकंड के लिए देखें, फिर धीरे-धीरे अपनी आंखें बंद कर लें. अपनी आंखों के पीछे ज्योति को बनते हुए देखें.  कुछ सेकंड के बाद, अपनी आंखें खोलें और प्रक्रिया को दोहराएं. इसे 5-10 मिनट तक कर

भ्रामरी प्राणायाम

भ्रामरी प्राणायाम न केवल मन को शांत करता है बल्कि आंखों के हेल्थ को भी इंप्रूव करता है. इसे करने के लिए आरामदायक क्रॉस-लेग्ड स्थिति में बैठें और अपने अंगूठे को हल्के से दबाकर अपनी आंखें और कान बंद करें. अपनी तर्जनी उंगलियों को अपनी भौहों और अपनी अंगूठी के बीच और छोटी उंगलियों को अपने नथुने के आधार पर रखें. अपनी नाक के माध्यम से गहरी सांस लें, कुछ सेकंड के लिए रोकें, फिर गुनगुनाते हुए धीरे-धीरे सांस छोड़ें. इसे पांच बार दोहराएं. 

नेत्र व्यायाम

नेत्र व्यायाम आंखों की गतिशीलता को बढ़ाने और आंखों के आसपास के रक्त संचार को करने में मदद करता है. इसके लिए सीधे बैठ जाएं और अपनी रीढ़ को सीधा रखें. धीरे-धीरे अपनी आंखों को दाईं ओर तब तक घुमाएं जब तक कि आप सहज महसूस न करें. फिर, अपनी आंखों को बाईं ओर घुमाएं. 20 बार इस प्रक्रिया को दोहराएं. इसके बाद, अपनी आंखों को ऊपर, नीचे, दाएं और बाएं घुमाएं.

Dinesh Purwar

Editor, Pramodan News

Dinesh Purwar

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