राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

दिल्ली विश्वविद्यालय के छह पूर्व छात्र और शिक्षकों ने मिलकर एक पुस्तकालय को गोद लिया, अत्याधुनिक सुविधाओं से किया लैस

नई दिल्ली
दिल्ली विश्वविद्यालय के छह पूर्व छात्र और शिक्षकों ने मिलकर एक पुस्तकालय को गोद लिया। गोद लेने के बाद उसमें ऐसा परिवर्तन किया कि अब यह आधुनिकतम पुस्तकालयों की लिस्ट में शामिल हो गया है। पद्मश्री डॉ. एसआर. रंगनाथन नामक पुस्तकालय को छात्रों और शिक्षकों ने गोद लिया था। छात्रों के लिए गुरुवार को इस पुस्तकालय को एक बार फिर खोल दिया गया है। यह पुस्तकालय अब पूरी तरह से डिजिटल है। विश्वविद्यालय में यह पहला अध्ययन कक्ष है, जिसमें 100 छात्र एक साथ बैठकर पढ़ सकते हैं। इस अध्ययन कक्ष में ओपन लाइब्रेरी, कंप्यूटर वर्क स्टेशन, इंटरनेट के अतिरिक्त ऑडियो-वीडियो की सुविधाएं हैं।

अध्ययन कक्ष को गोद लेने वालों में पुस्तकालय विज्ञान के छह पूर्व छात्र और शिक्षकों में प्रोफेसर केपी. सिंह, प्रो. मीरा, डॉ. ज्ञानेंद्र नारायण सिंह, डॉ. विजय गौतम, डॉ. मनीष कुमार और डॉ. पिंकी शर्मा शामिल हैं। ट्यूटोरियल बिल्डिंग में बनाए गए इस अध्ययन कक्ष का उद्घाटन डीयू के कुलपति प्रोफेसर योगेश सिंह ने किया।

उद्घाटन के बाद कुलपति प्रोफेसर योगेश सिंह ने बताया है कि दिल्ली विश्वविद्यालय के इतिहास में पहली बार ऐसी पहल की शुरुआत की गई है। यहां पुस्तकें, पत्र-पत्रिकाएं, ईबुक, ऑडियो बुक ही नहीं बल्कि कम्प्यूटर, स्मार्ट डिजिटल बोर्ड, डिजिटल पोडियम आदि की सुविधाएं भी दी जाएंगी। इसमें लेक्चर हॉल में अत्याधुनिक सुविधाएं जैसे एयर-कंडीशन, ओपन लाइब्रेरी, वर्कस्टेशन, हाई कॉन्फ़िगरेशन स्मार्ट बोर्ड की सुविधा है।

उन्होंने बताया कि इस अध्ययन कक्ष में किसी भी संकाय से स्नातकोत्तर और पीएचडी शोधार्थी आकर अध्ययन कर सकेंगे। पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग के प्रोफेसर केपी. सिंह ने बताया कि हम छह छात्र और शिक्षकों का सपना था कि हमारी आने वाली पीढ़ी को विश्व स्तरीय शिक्षण सुविधाएं मिले ताकि वे यहां अध्ययन करके राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दें और भारत को विकसित बनाने में मदद करें। यह अध्ययन कक्ष प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को भी प्लेटफॉर्म पर आने का अवसर देगा। पुस्तकालय विज्ञान विभाग के प्रोफेसर ने कुलपति को एक मांग पत्र भी दिया, जिसमें नवीन सूचनाओं से जोड़कर लाइब्रेरी के अध्ययन कक्ष को ओर बेहतर बनाने की अपील है।

Dinesh Purwar

Editor, Pramodan News

Dinesh Purwar

Editor, Pramodan News

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button