राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

भोपाल-इंदौर कॉरिडोर पर ₹1 लाख करोड़ का औद्योगिक रोडमैप तैयार, CM मोहन यादव ने किया ऐलान

इंदौर

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में आयोजित अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 में भोपाल और इंदौर के बीच एक लाख करोड़ रुपये के औद्योगिक रोडमैप की घोषणा की। इस रोडमैप के तहत मध्य प्रदेश को देश का प्रमुख आर्थिक केंद्र बनाने की योजना है। साथ ही सीएम ने ग्रामीण क्षेत्रों में निःशुल्क रजिस्ट्री, धार्मिक पर्यटन के विकास और विदेशी होटल ब्रांडों को आकर्षित करने जैसे कई अन्य विकास कार्य भी उजागर किए।

एमपी बनेगा देश का बड़ा इकोनॉमिक सेंटर! भोपाल-इंदौर के बीच 1 लाख करोड़ के औद्योगिक विकास की तैयारी Urban Growth Conclave 2.0 : इंदौर में अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 में CM मोहन यादव ने भोपाल-इंदौर के बीच 1 लाख करोड़ के औद्योगिक रोडमैप की बात कही।मध्य प्रदेश के आर्थिक शहर इंदौर में आयोजित अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 का शुभारंभ सोलर राउंड टेबल से हो गया है। 

मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने दीप् प्रज्वलित कर आयोजन की शुरुआती की। इसके बाद अपने संबोधन में प्रदेश के विकासके लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मपख्यमंत्री यादव ने कहा कि, भोपाल से इंदौर के बीच एक लाख करोड़ का औद्योगिक रोडमैप बनेगा। ये देश के मुख्य इकोनॉमिकल केंद्र के रूप में स्थापित होगा। अधिकतर बड़े देशों के लिए डायरेक्ट फ्लाइट शुरू करने की योजना पर काम हो रहा है। सीएम ने कहा ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के पास करोड़ों के मकान थे लेकिन मकान के दस्तावेज नहीं थे। वो लोग लोन नहीं ले पाते थे, व्यापार नहीं कर पाते थे। सरकार ने उन्हें निःशुल्क रजिस्ट्री करके दी। मध्यप्रदेश धार्मिक पर्यटन में भारत का मुख्य केंद्र बनता जा रहा है। दुनियाभर के होटल इंडस्ट्री के बड़े ब्रांड मध्यप्रदेश में आ चुके हैं।

भोपाल-इंदौर-जबलपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर से क्या बदलेगा?

राज्य के अलग-अलग अंचलों की खूबियों को पहचानते हुए उन्हें इंडस्ट्री और टूरिज्म का हब बनाया जा रहा है:

मालवा अंचल (इंदौर-उज्जैन): यह क्षेत्र पहले से ही आर्थिक रूप से समृद्ध है. यहाँ महाकाल लोक, विक्रम उद्योगपुरी, आईटी पार्क और सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स के जरिए रिलीजियस और टेक्नोलॉजिकल टूरिज्म को बढ़ावा दिया जा रहा है।

भोपाल (कैपिटल रीजन): भोपाल को अब केवल नौकरशाहों और कर्मचारियों की नगरी नहीं, बल्कि 'एआई सिटी', 'ए एजुकेशन सिटी' और उद्योगपतियों का हब बनाया जा रहा है. यहाँ के बड़े तालाब में शिकारे जैसी आधुनिक पर्यटन सुविधाएं भी बढ़ाई जा रही हैं।

जबलपुर और महाकौशल बेल्ट: माइनिंग, टूरिज्म और भारी उद्योगों की अपार संभावनाओं को देखते हुए जबलपुर के पूरे क्षेत्र को इकोनॉमिक कॉरिडोर से जोड़ा जा रहा है, जिससे वहाँ रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।

ग्वालियर और रीवा-शहडोल: ग्वालियर को टेलीकॉम सेक्टर में आगे बढ़ाया जा रहा है, जबकि रीवा-शहडोल बेल्ट में माइनिंग और सीमेंट कारखानों का जाल बिछाया जा रहा है. देश में सबसे ज्यादा सीमेंट उत्पादन आज मध्य प्रदेश में हो रहा है।

भोपाल में होगी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS)
सरकार ने यह मिथक भी तोड़ दिया है कि बड़ी इन्वेस्टर्स समिट केवल आर्थिक राजधानी इंदौर में ही हो सकती है. राजधानी भोपाल के महत्व को बढ़ाते हुए आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट यहीं आयोजित की जा रही है. इसका उद्देश्य भोपाल को उद्योगपतियों और समृद्धि का बड़ा केंद्र बनाना है. इन तमाम बदलावों और सुगम नीतियों के दम पर मध्य प्रदेश तेजी से देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में मजबूती से आगे बढ़ रहा है।

भोपाल में होगी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS)
सरकार ने यह मिथक भी तोड़ दिया है कि बड़ी इन्वेस्टर्स समिट केवल आर्थिक राजधानी इंदौर में ही हो सकती है. राजधानी भोपाल के महत्व को बढ़ाते हुए आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट यहीं आयोजित की जा रही है. इसका उद्देश्य भोपाल को उद्योगपतियों और समृद्धि का बड़ा केंद्र बनाना है. इन तमाम बदलावों और सुगम नीतियों के दम पर मध्य प्रदेश तेजी से देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में मजबूती से आगे बढ़ रहा है। 

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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